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योर मनी: बच्चों के लिए बैंक खाता खोलना आसान

प्रकाशित Wed, 07, 2014 पर 12:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई ने 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को अकाउंट खोलने की छूट देने की बात कही है। आरबीआई ने बच्चों को एटीएम कार्ड और नेट बैंकिंग जैसी सेवाएं भी देने की बात कही है। लेकिन बशर्ते बच्चों को अपने खाते में पैसे बनाए रखना होगा, उसे विड्रा नहीं करें। बता दें अब तक 18 साल से कम बच्चों का खाता बैंक माता-पिता के साथ जोड़कर खोलते थे। लेकिन अब यहां ऐसी कोई शर्त नहीं है।


ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मठपाल का कहना है कि बिना गार्जिन का खाता खोलने की सुविधा काफी बेहतर है। लेकिन यहां ध्यान रखने की जरूरत होगी, कि बच्चे इसका गलत इस्तेमाल नहीं करें। क्योंकि आजकल ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधाएं काफी हैं, जिसके यह खतरा है कि बच्चे घर बैठे भी अपने एटीएम का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है कि वह बच्चे को इसके फायदे-नुकसान बताएं।


फाइनेंशियल प्लानिंग पर सवाल-


सवाल: मेरी उम्र 36 साल और सालाना आय 4.5 लाख रुपये है। मैं एक चाइल्ड प्लान लेना चाहता हूं, कौन सा प्लान लेना बेहतर रहेगा। इसके अलावा मेरे पास जीवन सुरभि, एलआईसी मनी प्लस का प्लान और एक मैरिज एंड एज्युकेशन पॉलिसी है। वहीं कुछ इक्विटी में भी निवेश है, जिसमें रिलायंस इक्विटी अपॉर्च्यूनिटी, एलआईसी नोमुरा म्युचुअल फंड है। साथ ही आईसीआईसीआई प्रु पेंशन प्लान हैं।


पंकज मठपाल: सबसे पहले स्वयं के लिए एक टर्म प्लान लेना चाहिए। अपनी जिम्मेदारियों का आकलन करके एक टर्म प्लान लें। क्योंकि दूसरी किसी प्लान में टर्म प्लान के बराबर का कवर नहीं प्राप्त हो सकता है। वहीं केवल चाइल्ड प्लान को देखकर बच्चे के भविष्य का निर्णय नहीं करें। क्योंकि जरूरी नहीं कि चाइल्ड प्लान में आपको बहुत अच्छा रिटर्न मिल जाएगा। बच्चे की शादी-पढ़ाई के लिए म्युचुअल फंड में निवेश करें। इंश्योरेंस और निवेश दोनों को अलग-अलग रखें, क्योंकि इनके उद्देश्य अलग हैं।


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