कंज्यूमर अड्डा: बजट में मिडिल क्लास को मिलेगा बड़ा तोहफा!

प्रकाशित Wed, 10, 2018 पर 09:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट आने में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं और ये मौजूदा सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस बार वित्त मंत्री बजट में मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा दे सकते हैं। जहां एक तरफ नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन की व्यवस्था को फिर से लागू किया जा सकता है। वहीं वित्त मंत्री इनकम टैक्स छूट सीमा भी बढ़ा सकते हैं। 2019 के चुनावों पर नजर रखते हुए सरकार कई और लोकलुभावन एलान कर सकती है। सरकार शेयरों की खरी-फरोख्त पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स का फायदा लेने की अवधि भी बढ़ा सकती है। वित्त मंत्री क्या-क्या एलान कर सकते हैं इस बजट में और उनके पास ऐसा करने की कितनी गुंजाइश होगी, इसी पर चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़ रहे हैं जाने माने टैक्स एक्सपर्ट वेद जैन, के आर चोकसी के एमडी देवेन चोकसी।


बजट आने में सिर्फ 22 दिन बाकी हैं और बाजार को इंतजार है कि वित्त मंत्री क्या एलान करने वाले हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार बजट में कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव किया जा सकता है। यही नहीं सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स में सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की व्यवस्था फिर से लागू कर सकती है।


सूत्रों का कहना है कि बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन लाने का एलान हो सकता है। टैक्स स्लैब के हिसाब से डिडक्शन की दरें अलग-अलग होंगी। 5 लाख रुपये के स्लैब में सबसे ज्यादा डिडक्शन मुमकिन है, जबकि 10 लाख रुपये तक वाले स्लैब में डिडक्शन कम हो सकता है। वहीं 10 लाख रुपये से ज्यादा वाले स्लैब के लिए फ्लैट डिडक्शन हो सकता है।


बता दें कि डिडक्शन की रकम पर इनकम टैक्स नहीं देना होता है और डिडक्शन की रकम पर टैक्स बचाने के लिए कोई सुबूत नहीं देना होता है। 2004-05 तक स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा मौजूद थी। पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन के दो स्लैब थे। 5 लाख रुपये तक की सैलरी वालों के लिए 30,000 रुपये या 40 फीसदी (जो भी कम) तक का डिडक्शन का प्रावधान था। वहीं 5 लाख रुपये से ज्यादा की सैलरी वालों के लिए 20,000 रुपये तक का डिडक्शन का प्रावधान था।