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एक्सपर्ट की नजर में सोने की चाल, कैसा रहेगा हाल

प्रकाशित Fri, 13, 2017 पर 12:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिवाली का मौका और सोने में निवेश, दोनों एक दूसरे के पर्याय हैं। इस मौके का जितना इंतजार निवेशकों को होता है, उतना ही, बाजार को भी। शायद इसीलिए लोगों के मूड को समझते हूए सरकार भी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट पर झुकती नजर आई है। लेकिन इस दिवाली सोने और चांदी में कितना फायदेमंद होगा निवेश, और क्या है बाजार की तैयारियां। ये जानने के लिए लेकर आए हैं हम ये खास पेशकश।


पिछले 5 के दौरान कैसी रही है सोने की चाल, इस पर नजर डाले तो 2012 में सोने का भाव 31,680 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। 2013 में सोने का भाव 29,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। 2014 में सोने का भाव 26,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। 2015 में सोने का भाव 25,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। हालांकि 2016 में सोने का भाव बढ़कर 30,080 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।


वहीं, इस साल जनवरी से अब तक सोने में 10 फीसदी का रिटर्न दिया है। दरअसल उत्तर कोरिया और अमेरिका में तनाव से सोने को सपोर्ट मिला है। साथ ही डॉलर में गिरावट से सोने को दोहरा सपोर्ट मिला है। अच्छी बात ये है कि सोने का भाव पिछली दिवाली के आसपास ही है, जबकि 2 साल में सोने ने करीब 18 फीसदी का रिटर्न दिया है। हालांकि पिछले 6 महीने में गोल्ड ईटीएफ से 388 करोड़ रुपये की निकासी हुई है और इस साल अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद है।


ज्वेलरी सेक्टर में रौनक लौटने की उम्मीद नजर आ रही है। दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग कानून से ज्वेलरी सेक्टर को बाहर किया गया है। अब 2 लाख रुपये तक की ज्वेलरी पर पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी, जबकि पहले 50000 रुपये की खरीद पर केवाईसी जरूरी था। साथ ही सोने का भाव पिछली दिवाली के आसपास ही है।


सोने में निवेश के जरिए भी कमाई की जा सकती है। सोने में निवेश के लिए ज्वेलरी एवं सिक्कों के अलावा वायदा, ईटीएफ और गोल्ड ईटीएफ के विकल्प मौजूद हैं। बताना चाहेंगे कि सोने की खरीदारी से पहले कुछ सावधानी जरूरी बरतें। क्वालिटी सर्टिफिकेट जरूर लें और सिर्फ हॉलमार्क ज्वेलरी ही खरीदें। साथ ही कैरेट के हिसाब से दाम पूछें।


गोल्ड बॉन्ड में 8 साल का लॉकिंग पीरियड होता है और 5 साल बाद निकलने की सहूलियत भी है। गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर सालाना 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है। गोल्ड बॉन्ड में 1 ग्राम से 4 किलो में निवेश संभव है। वहीं गोल्ड ईटीएफ में रियल टाइम दाम पर सौदे संभव हैं। साथ ही डीमैट में होल्डिंग की व्यवस्था होती है। इसके अलावा स्टोरेज और सुरक्षा की चिंता नहीं होती है। आने वाले दिनों में सोने में निवेश के लिए गोल्ड ऑप्शंस का नया विकल्प भी होगा। गोल्ड ऑप्शंस के तहत कॉल ऑप्शन में असीमित मुनाफे का मौका होगा, तो पुट ऑप्शन में गिरती कीमतों से सुरक्षा मिलेगी।