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कमोडिटी बाजार: दिवाली से दिवाली तक, कौन कराएंगे मालामाल

प्रकाशित Thu, 12, 2017 पर 16:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस दिवाली कमोडिटी में निवेश से लक्ष्मी आपके घर आएंगी। संकेत कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं। सोयाबीन, सरसों और सभी दालें जमीन पर हैं। दालों से स्टॉक लिमिट खत्म हो गई है, इंपोर्ट पर रोक है। सरकार ने एक्सपोर्ट खोला है। इसके बावजूद दाम जमीन पर हैं। तो क्या निवेश का मौका है। घरेलू कमोडिटी बाजार जीएसटी के तौर पर नए टैक्स युग में प्रवेश कर चुका है। नोटबंदी का असर भी खत्म हो रहा है। मध्यप्रदेश के कई जिलों में सूखा पड़ा है, ऐसे में अगली दिवाली तक कैसी रहेगी कमोडिटी बाजार की चाल, जानेंगे आज और ये भी बताएंगे कि आपको किस कमोडिटी में मिलेगा बेहतर रिटर्न।


देश के 200 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है जबकि 100 जिलों में बेहद कम बारिश हुई है। जिसके चलते दाल की पैदावार में करीब 7.5 फीसदी कमी का अनुमान है।खरीफ दाल करीब 94 लाख टन की पैदावार होने की संभावनाएं है। पिछले साल का 25 लाख टन स्टॉक सरकार के पास बकाया है।


वहीं सोयाबीन की पैदावार 1 करोड़ टन के नीचे संभव है क्योंकि सोयबीन की खेती वाले इलाकों में कम बारिश हुई है। करीब 20 लाख टन सोयाबीन का बकाया स्टॉक सरकार के पास है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में सोयाबीन की अच्छी पैदावार हुई है। सरसों की खेती बढ़ने का अनुमान है।


कॉटन में भी तेजी देखने को मिली है। कॉटन पिछले 1 महीने के ऊपरी स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि कॉटन की 19 फीसदी बुआई बढ़ने के बावजूद पैदावार कम हुई है। इस साल 3.23 करोड़ गांठ पैदावार का अनुमान है। दुनिया में पैदावार करीब 10 फीसदी बढ़ने की उम्मीद की है।


इस साल चीनी की उत्पादन में करीब 25 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस साल मिलों को 255 लाख टन उत्पादन की उम्मीद है। यूएसडीए को भारत में 277 लाख टन उत्पादन की उम्मीद है। चीनी उत्पादन 6 साल में सबसे ज्यादा संभव है।