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सोने को पीछे छोड़ेगी, चांदी कराएगी मालामाल

प्रकाशित Fri, 19, 2017 पर 17:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कमोडिटी आउटलुक में आज हम चांदी की बात करेंगे। एक ऐसी कमोडिटी जिसे बुलियन का दर्जा होने के बावजूद भारी इंडस्ट्रियल डिमांड है और बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड की बदौलत ही इसकी कीमतें घटती बढ़ती हैं। अमेरिका, जापान और भारत में जिस तरह से इंफ्रा पर फोकस हो रहा है, इसे देखकर दुनिया भर के निवेशक चांदी पर फोकस बढ़ा दिए हैं। बेशक पिछले साल इसकी मांग कमजोर रही, लेकिन ईटीएफ की होल्डिंग बढ़ी है। 2016 में चांदी का उत्पादन 14 साल में सबसे कम रहा ऐसे में सवाल ये है कि क्या चांदी कराएगी मालामाल। मौजूदा ट्रेंड में क्या बढ़ेगा चांदी में निवेश और सोने को पीछे छोड़ देगी चांदी। इन सवालों का जवाब जानेंगे आज।


दुनियाभर में चांदी का उत्पादन घटा है। 2016 में 14 साल का सबसे कम चांदी उत्पादन हुआ है। वहीं पिछले 3 साल में चांदी की सबसे कम ग्लोबल सप्लाई हुई है। सोलर इंडस्ट्रीज में चांदी की ग्लोबल मांग 34 फीसदी बढ़ी है, जबकि इंडस्ट्रियल डिमांड में सोलर की 49 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक जीएसटी से भारत में सोने की मांग घटने का अनुमान है। यूएस में ब्याज दरें बढ़ीं तो सोने पर दबाव बन सकता है। सिर्फ डॉलर में गिरावट से सोने को सपोर्ट मुमकिन है।


अब चांदी के पिछले सालों के कुछ आंकड़ों पर गौर करते हैं। 2012 में चांदी की ग्लोबल सप्लाई 31,283 टन रही थी। 2013 में चांदी की ग्लोबल सप्लाई 30,726 टन रही थी। 2014 में चांदी की ग्लोबल सप्लाई 32,679 टन रही थी। 2015 में चांदी की ग्लोबल सप्लाई 31,339 टन रही थी। 2016 में चांदी की ग्लोबल सप्लाई 31,324 टन रही थी।


वहीं चांदी की ग्लोबल डिमांड की बात करें तो 2012 में 30,799 टन रही थी। 2013 में चांदी की ग्लोबल डिमांड 35,015 टन रही थी। 2014 में चांदी की ग्लोबल डिमांड 34,782 टन रही थी। 2015 में चांदी की ग्लोबल डिमांड 35,816 टन रही थी। 2016 में चांदी की ग्लोबल डिमांड 31,968 टन रही थी।


दुनिया में कुल खपत का सबसे ज्यादा चांदी का उत्पादन 37 फीसदी दक्षिण अमेरिका में होता है। मेक्सिको में 23 फीसदी, अमेरिका में 5 फीसदी, यूरोप में 14 फीसदी और एशिया में 21 फीसदी चांदी का उत्पादन होता है। चांदी की 55 फीसदी डिमांड इंडस्ट्रियल से आती है, जबकि ज्वेलरी के लिए 25 फीसदी और सिक्के/बार के लिए 20 फीसदी चांदी की डिमांड होती है।


चांदी में तेजी के संकेत इस बात से मिल रहे हैं कि बुलियन होते हुए चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड ज्यादा है। साथ ही इंडस्ट्रियल डिमांड में 49 फीसदी सोलर पावर में चांदी की मांग है और पिछले साल सोलर पावर सेक्टर की ग्रोथ 50 फीसदी रही थी। अमेरिका और चीन में सोलर सेक्टर की ग्रोथ ज्यादा देखने को मिल रही है। वहीं चांदी के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिल रही है। मार्च तिमाही में चिली में चांदी उत्पादन 26 फीसदी कम रहा, पेरू में भी चांदी का उत्पादन करीब 10 फीसदी घटा है। बेस मेटल का उत्पादन घटने से चांदी का भी उत्पादन घटने का अनुमान है।