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कच्चा तेल जाएगा 100 डॉलर के पार, कितना पड़ेगा भारी!

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 16:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्रूड 3.5 साल की ऊंचाई पर है। ईरान पर अमेरिकी पाबंदी से इसकी तेजी को हवा मिली है। गोल्डमैन सैक्स को जल्द ही ब्रेंट का दाम 82.50 डॉलर जाने का भरोसा है। वहीं यूबीएस ग्रुप ने क्रूड को इस साल 80 डॉलर तक जाने की उम्मीद जताई है। इन सबके ऊपर बैंक ऑफ अमेरिका ने क्रूड को अगले साल तक 100 डॉलर तक जाने का फोरकास्ट दिया है।


ईरान पर यूएस की पाबंदी से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। वहीं ओपेक की प्रोडक्शन कटौती से भी कच्चे तेल को सपोर्ट मिला है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले साल से करीब 45 फीसदी से उपर का उछाल देखने को मिला है। इस साल कच्चे तेल के भाव में करीब 20 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है। एनर्जी इंफोर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन ने कच्चे तेल पर अनुमान बढ़ाया है। कच्चे तेल पर यूएस ने 2018 में ब्रेंट का औसत भाव 70.68 डॉलर बढ़त की संभावनाएं जताई है यानि अप्रैल के अनुमान से औसतन कच्चे तेल के भाव 11.6 फीसदी बढ़ाया गया है।


भारत में करीब 85 फीसदी क्रूड इंपोर्ट होता है। कुल इंपोर्ट में क्रूड की करीब 28 फीसदी हिस्सेदारी है। साल 2017-2018 में 7.5 लाख करोड़ का क्रूड इंपोर्ट हुआ है। पिछले 4 साल में क्रूड इंपोर्ट पर निर्भरता 6 फीसदी बढ़ी है।


बता दें कि मंहगे क्रूड के लिए ओपेक सहित ग्लोबल पोलिटिक्स जिम्मेदार है। ओपेक पिछले 2 साल से उत्पादन घटा रहा है जबकि ग्लोबल पोलिटिक्स से भी क्रूड की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं ईरान पर यूएस की पाबंदी से 5 लाख बैरल सप्लाई घट सकती है।