सोने पर सख्ती, कैसी रहेगी आगे की चाल -
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सोने पर सख्ती, कैसी रहेगी आगे की चाल

प्रकाशित Fri, 10, 2017 पर 16:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सोना, भारतीय निवेशकों का सबसे पसंदीदा एसेट। सरकार कितनी भी पाबंदी लगा ले, लेकिन सोने से लोगों का मोह भंग होना मुश्किल है। शायद इसीलिए नोटबंदी के बाद अब 3 लाख रुपये के कैश ट्रांजैक्शन पर रोक के बावजूद वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल को भारत में इस साल पिछले साल से ज्यादा सोने की मांग रहने की उम्मीद है। लेकिन किस भाव पर सोना खरीदें कि निवेश फायदेमंद हो, ये सवाल सबके जेहन में है। वह भी तब, जब सिर्फ 10 दिन में सोने का भाव करीब 1500 रुपये लुढ़क चुका है। अगले हफ्ते अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की अटकलें हैं। ऐसे में आगे सोने की कैसी रहेगी चाल, ये बताने के लिए लेकर आए हैं हम ये खास पेशकश।


साल 2013 में सोने की मांग 975 टन रही थी, जबकि साल 2014 में मांग घटकर 842 टन रही। साल 2015 में सोने की मांग 857 टन रही थी, जबकि साल 2016 में मांग घटकर 675 टन रही थी। हालांकि इस साल सोने की मांग 750 टन रहने का अनुमान है।


वहीं इस साल सोने की चाल पर नजर डालें तो 27 जनवरी को सोने के भाव 28,000 रुपये प्रति ग्राम था। 8 फरवरी को सोने का भाव बढ़कर 29,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। 27 फरवरी को सोने का भाव 29,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था। हालांकि, आज सोने के भाव 28,200 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर आ गया है।


घरेलू बाजार में सोने का दाम 28,200 रुपये के आसपास है, तो ग्लोबल मार्केट में भाव 1200 डॉलर के नीचे फिसल गया है। पिछले 10 दिनों में सोने का भाव करीब 5 फीसदी लुढ़क गया है। इस साल के ऊपरी स्तर से सोने के दाम में 1500 रुपये की गिरावट आई है। दरअसल डॉलर में मजबूती के साथ सोने पर दबाव बढ़ा है।


वहीं इस महीने अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का अनुमान है, ऐसे में सोने पर दबाव बढ़ रहा है। यूएस इकोनॉमी के अच्छे आंकड़ों से डॉलर में उछाल आया है। ऊंची कीमतों पर सोने की मांग में कमी देखने को मिल रही है। ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ में इस हफ्ते बिकवाली बढ़ी है। भारत और चीन में सोने पर सख्ती से भी कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है।