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गेहूं-सरसों में तेजी या मंदी, किसानों को मिलेगा सहीं दाम!

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 16:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

चुनावी साल है और सबकी नजर अब रबी की तैयार हो रही फसल पर है। गेहूं, चना और सरसों पकने के कगार पर हैं। तो गेहूं को भी मौसम का भरपूर साथ मिला है। सरकार का इस साल 10 करोड़ टन गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार का दावा है। ग्लोबल मार्केट में गेहूं 6 महीने की ऊंचाई पर, लेकिन घरेलू बाजार में जमीन से उठने का नाम नहीं ले रहा है गेहूं। नया चना भी अगले महीने से बाजार में होगा और सरसों को भी लेकर अटकलों का बाजार गर्म है, मध्य प्रदेश में चना और सरसों में भी भावांतर योजना शुरू होने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे कैसा रहेगा इनका बाजार।


इस साल गेहूं के भाव बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि इस साल बुआई पिछले साल से 5 फीसदी कम है जिससे बाजार को पैदावार घटने का अनुमान है। वहीं विदेश में गेहूं का भाव 6 महीने के ऊपरी स्तर पर है। गेहूं पर फिलहाल 20 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। नए सीजन के लिए एमएसपी 1735 प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है।


हालांकि सरकार को 10 करोड़ टन गेहूं रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद है जबकि बाजार को 2 फीसदी कम 96.1 करोड़ टन पैदावार का अनुमान है।


बाजार में गेहूं के भाव पर नजर डालें तो इटारसी में गेहूं का भाव 1560 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि इंदौर में 1600 रुपये प्रति क्विंटल भाव में बेचा जा रहा है। वहीं कोटा में गेहूं का भाव 1605 रुपये प्रति क्विंटल है।


एग्री कमोडिटी में चने का मौजूदा भाव एमएसपी से करीब 15 फीसदी नीचे है। इंदौर में चना 3850 रुपये प्रति क्विंटल है। अगले महीने से नए चने की आवक शुरू हो जायेगी। इस साल चने में रिकॉर्ड पैदावार का अनुमान है। वहीं इस साल सरसों की बुआई 5 फीसदी कमी आई है। इस साल सरसों 64 लाख टन उत्पादन अनुमान है। नए सीजन के लिए सरसों की एमएसपी 4,000 रुपये प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है।


उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान स्थिर है। लेकिन यूपी, हरि‍याणा, पंजाब और राजस्‍थान में ठंड बरकरार है। 13 फरवरी तक उत्तर के कुछ इलाकों में बारिश संभव बनी हुई है। रात का तापमान कम रहने से फसल को फायदा मिलेगा।