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दार्जिलिंग में हिंसा से बड़ा नुकसानः जयश्री टी

प्रकाशित Tue, 11, 2017 पर 14:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नो योर कंपनी में हमारे रडार पर है जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज। जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज के दार्जिलिंग और असम में चाय बागान हैं। कंपनी चाय, केमिकल्स, फर्टिलाइजर्स और चीनी के कारोबार जुड़ी है।


कंपनी से जुड़ी खबर है कि असम में बाढ़ से चाय का उत्पादन 5 फीसदी घटने की आशंका है। साथ ही दार्जिलिंग में हड़ताल से एक्सपोर्ट पर भी असर संभव है। दरअसल दार्जिलिंग की ज्यादातर चाय एक्सपोर्ट होती है। इक्रा की एक रिपोर्ट के मुताबिक दार्जिलिंग में 100-150 करोड़ रुपये के चाय एक्सपोर्ट पर असर मुमकिन है। देश के कुल चाय उत्पादन में दार्जिलिंग की 20-25 फीसदी हिस्सेदारी है। मार्च 2017 तक जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज पर 360 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि वित्त वर्ष 2017 में कंपनी को सिर्फ 93 लाख रुपये का मुनाफा हुआ है।


सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत में जयश्री टी एंड इंडस्ट्रीज के एमडी और सीईओ, डी पी माहेश्वरी ने कहा कि असम में बाढ़ से कंपनी के बागानों को नुकसान नहीं हुआ है। बारिश के पानी के निकासी की बेहतर व्यवस्था करने की वजह से नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि चाय इंडस्ट्री के लिहाज से जरूर नुकसान मुमकिन है। दरअसल ये सीजन उत्पादन के लिए बेहतर माना जाता है, ऐसे में बाढ़ से फसल खराब होने से नुकसान बढ़ने की आशंका है। असम में अमूमन हर साल बाढ़ को लेकर समस्या आती है। लिहाजा इंडस्ट्री की बाढ़ के पानी से फसल को बचाने की पहले से ही काफी सारी तैयारियां की जाती हैं ताकि ज्यादा नुकसान ना हो सके।


हालांकि डी पी माहेश्वरी के मुताबिक दार्जिलिंग में हिंसा के चलते जो नुकसान हो वो काफी चिंताजनक है। दार्जिलिंग में हिंसा की वजह से जयश्री टी की फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। जयश्री टी के कुल उत्पादन में दार्जिलिंग के बागानों का हिस्सा 20 फीसदी के आसपास है, जबकि कुल आय में हिस्सेदारी 40 फीसदी के आसपास है। दार्जिलिंग में हिंसा के चलते 300-350 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका है।


डी पी माहेश्वरी का मानना है कि दार्जिलिंग में होने वाले नुकसान की आसानी से भरपाई नहीं की जा सकती है। हालांकि आने वाले दिनों में उत्पादन में कमी के चलते चाय की कीमतों में थोड़ा उछाल जरूर मुमकिन है। केन्या, ईस्ट अफ्रीका और श्रीलंका में उत्पादन में कमी देखने को मिल रही है। साथ ही आगे भारत में भी उत्पादन कम होने का अनुमान है। दार्जिलिंग की हिंसा का दूसरी तिमाही के नतीजों पर असर संभव है।