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वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील पर दिग्गजों के बोल

प्रकाशित Thu, 10, 2018 पर 07:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने भारत की लीडिंग ऑनलाइन रिटेल कंपनी फ्लिपकार्ट को खरीद लिया है। वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सा खरीदेगी। ऑनलाइन सेक्टर में ये भारत की सबसे बड़ी डील है जिसकी कीमत 16 अरब डॉलर है। ये डील साल के अंत तक पूरी होगी। फ्लिपकार्ट को लिस्ट कराने की भी तैयारी है।


इस डील पर वॉलमार्ट का कहना है कि डील से ग्राहकों को सस्ता, अच्छा सामान मिलेगा। फ्लिपकार्ट के लिए वॉलमार्ट सबसे अच्छा पार्टनर है। बता दें कि वॉलमार्ट दो और निवेशकों को जोड़ेगा। इस साल के अंत तक डील पूरी होगी। फ्लिपकार्ट नकद और कर्ज के जरिए डील करेगी। फ्लिपकार्ट के 10 करोड़ से ज्यादा ग्राहक है। इस डील के बाद फ्लिपकार्ट मैनेजमेंट में बदलाव नहीं होगा।


फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के डील पर फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल का कहना है कि ये डील भारत के लिहाज से बेहद अहम है। इससे ग्राहक और विक्रेता के बीच संबंध बेहतर होंगे। ई-कॉमर्स सेक्टर में भारत में अभी काफी संभावनाएं हैं और भविष्य में बेहतर काम करने के लिए वॉलमार्ट के साथ डील की है। दोनों कंपनियां मिलकर रिटेल और ई-कॉमर्स सेक्टर में बेहतर काम करेंगी।


इस डील को वॉलमार्ट के नजरिए से देखें तो इससे वॉलमार्ट को भारत के ऑनलाइन बाजार में एंट्री मिलेगी और बड़ा भारतीय बाजार मिलेगा। ई-कॉमर्स बाजार में फ्लिपकार्ट की 39 फीसदी हिस्सेदारी है। भारत में वॉलमार्ट अमेजॉन को टक्कर देगी। ई-कॉमर्स बाजार में अमेजॉन की 30 फीसदी हिस्सेदारी है।चीन में भी दोनों कंपनियों के बीच सीधी टक्कर है। इस डील से वॉलमार्ट को भारतीय बाजार में कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा।


वहीं फ्लिपकार्ट के नजरिए से देखें तो फ्लिपकार्ट को वॉलमार्ट के ऑफलाइन स्टोर्स का फायदा मिलेगा। रिटेल कारोबार में वॉलमार्ट का लंबा अनुभव है। नई टेक्नोलॉजी का भी सपोर्ट मिलेगा। फ्लिपकार्ट को वॉलमार्ट की सप्लाई चेन का फायदा भी मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में नए निवेश से फायदा होगा और ग्लोबल मार्केट में पहुंच बढ़ेगी।


डील को कंज्यूमर के नजरिए से देखें तो उसे सामान पर अच्छी डील मिल सकती है। विदेश में वॉलमार्ट कम दाम पर सामान बेचती है। वॉलमार्ट की एंट्री से डिस्काउंट वॉर बढ़ सकता है। भारत में एव्री डे लो प्राइसिंग कॉन्सेप्ट संभव है। सामान की फास्ट डिलिवरी होगी। ग्रोसरी आइटम्स की भी फास्ट डिलिवरी होगी। कस्टमर केयर की सुविधा बेहतर होगी।


उधर ऑफलाइन रिटेलर्स के आरोप हैं कि वॉलमार्ट रिटेल एफडीआई से देश में एंट्री नहीं कर पाई इसलिए मल्टी-ब्रांड रिटेल में ई-कॉमर्स के जरिए एंट्री कर रही है। डील से पहले 75 फीसदी ऑनलाइन विक्रेताओं की मंजूरी जरूरी है। वॉलमार्ट विदेश से सामान लाएगी और भारत को डंपिंग ग्राउंड बना देगी। भारतीय रिटेलर्स प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। ऑफलाइन रिटेलर्स का कारोबार चौपट हो जाएगा और करीब 3 करोड़ रिटेलर्स को डील से नुकसान होगा।


फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया नीति आयोग से आई। नीति आयोग इस डील को कैसे देखता है इस पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से सीएनबीसी-आवाज़ की एक्सक्लूसिव बातचीत हुई जिसमें उन्होंने कहा कि ये डील नियमों के मुताबिक हुई है। वो वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील से संतुष्ट हैं। ये डील देश के एफडीआई कानून के मुताबिक हुई है। भारत पर विदेशी कंपनियों का भरोसा बढ़ा है। वॉलमार्ट भारत को एक्सपोर्ट हब बनाएगा। डील में नियमों के उल्लंघन का सवाल ही नहीं है। देश में बी2बी ई-कॉमर्स में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत है। वॉलमार्ट ने नियमों के मुताबिक ही डील की है। देश में मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई लाने की छूट है। छूट देना राज्य सरकारों के हाथ में है।


उधर रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया मानता है कि फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट डील में एफडीआई नियमों का उल्लंघन हुआ है। एसोसिएशन के सीईओ कुमार राजगोपालन का कहना है कि अगर सरकार ने एक्शन नहीं लिया तो इंडस्ट्री पर गलत असर पड़ेगा।
 
फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील पर उन्होंने आगे कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां एफडीआई लेकर आ रही हैं। विदेशी पूंजी से कंपनियां दाम में मोलभाव करेंगी। कीमतों से छेड़छाड़ सरकार की एफडीआई पॉलिसी के खिलाफ है। मार्केट प्लेस के लिए सरकार ने प्रेस नोट 3 दिया है। अगर एक्शन नहीं लिया गया तो ये इंडस्ट्री के लिए खराब साबित होगा।


वहीं देश में सबसे तेजी से बढ़ रही एफएमसीजी कंपनी पतंजलि के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि वॉलमार्ट का बैक डोर से काम करने का ट्रैक रिकॉर्ड है। ऐसे में इस डील से रिटेलरों को नुकसान होगा। पतंजलि के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने सीएनबीसी-आवाज़ से हुई अपनी एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि इस तरह के कारारों से छोटे रिटेलरों को नुकसान होगा। वॉलमार्ट का इतिहास बहुत अच्छा नहीं। लोग तय करेंगे कि वॉलमार्ट चलेगा या नहीं। पतंजलि  हर चुनौती के लिए तैयार है। एक ब्रांड के चलते बड़ा नुकसान ठीक नहीं है।


वहीं फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर ने वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील को किसानों और कंज्यूमर्स के लिए फायदे का सौदा बताया है। उन्होंने कहा कि ये डील फूड सेक्टर के लिए पॉजिटिव होगी। फूड सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा और किसानों को फायदा होगा। इस डील से विदेशी पैसे से स्वदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के कदमों का असर अब दिख रहा है। विदेशी कंपनियां भारत में आ रही हैं। विदेशी कंपनियां आने से कंज्यूमर को फायदा होगा।