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आइडियाः वोडाफोन के साथ विलय को बोर्ड की मंजूरी

प्रकाशित Mon, 20, 2017 पर 09:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आइडिया सेल्युलर के बोर्ड ने वोडाफोन इंडिया के साथ विलय को मंजूरी दे दी है। वोडाफोन का नई कंपनी में 45 फीसदी हिस्सा होगा, जबकि नई कंपनी में आइडिया की 26 फीसदी हिस्सेदारी होगी। एबी ग्रुप नई कंपनी में 130 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 9.5 फीसदी हिस्सा लेगा। आगे, एबी ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर का होगा। वोडाफोन हिस्सा बराबर करने के लिए शेयर बेचेगी।


आइडिया और वोडाफोन का विलय 2018 में पूरा होगा। इस विलय के लिए आइडिया सेल्युलर का वैल्युएशन 72,200 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि वोडाफोन का वैल्युएशन 82,800 करोड़ रुपये आंका गया है।


इस विलय से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनेगी। साथ ही वोडाफोन इंडिया को पकड़ बनाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा आइडिया की मेट्रो शहरों में पहुंच बढ़ेगी। नई कंपनी के एबिटडा में 25-30 फीसदी का इजाफा होगा। नई कंपनी में ग्राहकों की संख्या बढ़कर 39.1 करोड़ होगी। फिलहाल भारती एयरटेल नंबर 1 टेलीकॉम कंपनी है, जबकि वोडाफोन दूसरे और आइडिया तीसरे नंबर पर है। वोडाफोन के ग्राहकों की संख्या 20.3 करोड़ और आइडिया के ग्राहकों की संख्या 18.8 करोड़ है।


इस डील पर आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन, कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि दोनों कंपनियों के विलय से कारोबार और बढ़ेगा। 23 सर्किल में नई कंपनी की लीडरशिप होगी और घरेलू टेलीकॉम सेक्टर में 40 फीसदी मार्केट शेयर होगा। डील की रकम मौजूदा बाजार भाव के आधार पर है और छोटे शेयरधारकों के हितों का ध्यान रखेंगे।


वहीं वोडाफोन ग्रुप के सीईओ, विटॉरियो कोलाओ ने कहा कि सरकार के डिजिटल इंडिया प्लान के मुताबिक विलय किया गया है। भारत में सबसे मजबूत प्रतियोगी कंपनी बनने का लक्ष्य है।