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हिस्सेदारी बेचने की योजना नहीं: किशोर बियानी

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 10:49  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कल की शानदार तेजी के बाद आज फ्यूचर ग्रुप के शेयर गिर गए हैं। कल खबर आई थी कि वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के बाद किशोर बियानी भी फ्यूचर ग्रुप में विदेशी निवेश ला सकते हैं। खबर 10 फीसदी शेयर बेचने की थी। हालांकि अब फ्यूचर ग्रुप ने इससे इनकार कर दिया है। ऑनलाइन से बढ़ते कंपिटीशन और वॉलमार्ट से मिलने वाले तगड़े कंपिटीशन से निपटने के लिए फ्यूचर ग्रुप क्या कर रहा है, स्ट्रैटेजिक डील से जुड़े सभी सवालों पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ हैं ग्रुप के सीईओ किशोर बियानी।


इस बातचीत में किशोर बियानी ने कहा कि वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील भारत के लिए बहुत बड़ी बात है। आंत्रप्रेन्योर को इतना वैल्यूएशन मिलना काफी अहम है। इस डील से फ्लिपकार्ट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।


विदेशी निवेशक लाने की योजना पर बात करते हुए किशोर बियानी ने कहा कि हम किसी निवेशक को 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं देंगे। निवेश पर किसी भी कंपनी से चर्चा नहीं हो रही है। कंपनी के ऑनलाइन बिजनेस का प्लान पर उन्होंनें कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में कोई फर्क नहीं है। ग्राहकों को सेवाएं देना ज्यादा जरूरी है। ग्राहक ऑनलाइन, ऑफलाइन, वॉट्सएप पर भी ऑर्डर करते हैं। ग्राहकों को कम दाम पर सामान देने की कोशिश रहेगी। अब नई स्ट्रैटजी o2o यानि ऑनलाइन टू ऑफलाइन है। 8-10 फीसदी ग्राहक ऑफलाइन चीजें देखते हैं, लेकिन ऑनलाइन खरीदते हैं। हमारे लिए ऑनलाइन, ऑफलाइन मार्केट एक ही हैं।


ऑनलाइन रिटेल की ग्रोथ पर किशोर बियानी ने कहा कि सिर्फ एक कैटेगरी में ग्रोथ होने से फायदा नहीं, कंपनी की ग्रोथ सभी कैटेगरीज में होनी चाहिए। इस साल कंपनी के कारोबार में 25-35 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है।


वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट डील के असर पर उन्होंने कहा वॉलमार्ट लिस्टेड और जिम्मेदार कंपनी है। हमने रिटेल मार्केट वॉलमार्ट की किताब से सीखा है। प्राइसिंग की दिक्कत की संभावना नहीं है। डिमांड आउटलुक पर किशोर बियानी ने कहा कि आगे डिमांड और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। जीएसटी, नोटबंदी, ई-वे बिल आने से फायदा होगा। ग्रामीण इलाकों में डिमांड बेहतर हुई है।