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जीएसटीः लोन और क्रेडिट कार्ड पर कितना असर

प्रकाशित Wed, 12, 2017 पर 19:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी के बाद सभी के मन में कई तरह के सवाल हैं। ना सिर्फ महंगाई को लेकर बल्कि कर्ज को लेने से लेकर चुकाने तक। क्रेडिट कार्ड का लेनदेन हो या बकाया का भुगतान, आपकी आर्थिक जिंदगी में जीएसटी के असर को लेकर हम लगातार खास कार्यक्रम लेकर आए हैं, योर मनी में लोन और क्रेडिट कर्ड से जुड़े सावल लेंगे और जीएसटी का इस पर क्या असर हुआ। इस पर बात करने के लिए हमारे साथ है विशफिन के सीईओ और को-फाउंडर ऋषि मेहरा।


ऋषि मेहरा का कहना है कि जीएसटी के बाद लोन के ब्याज पर 18 फीसदी जीएसटी लागू किया गया है। जिसके तहत होम, पर्सनल, कार लोन के ब्याज पर र 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। मौजूदा लोन ग्राहक को भी लोन चुकाना महंगा होगा। वहीं अब रीपेमेंट चार्ज और प्रिंसिपल बकाया पर भी 18 फीसदी जीएसटी लागू होगा।


अगर मौजूदा लोन ग्राहक की बात करें तो उन्हें जीएसटी लागू होने के बाद पर्सनल लोन पर 2-5 फीसदी प्रीपेमेंट चार्ज करना होगा यानि आपके लोन की कुल बकाया रकम+ ब्याज पर 18 फीसदी जीएसटी चुकानी होगी। वहीं होम लोन पर जीएसटी का कितना असर होगा इस पर बात करते हुए ऋषि मेहरा ने कहा कि वक्त से पहले लोन चुकाने पर प्रोसेसिंग फीस होगी यानि प्रिंसिपल बकाया + ब्याज पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।


जीएसटी जहां कुछ लोगों के लिए समझना जटिल है, वही हम देख रहे हैं की इस ना समझी के चलते कई तरह के भम्र या गलत जानकारियां भी बाजार में चल रहे हैं, खासकर क्रेडिट कार्ड को लेकर जिसे समझना बेहद जरुरी हो गया है।


जीएसटी के बाद क्रेडिट कार्ड के भुगतान पर डबल टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि सुविधा शुल्क 3 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हो गया है। रिवॉल्विंग क्रेडिट कार्ड और ब्याज की रकम पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।


सवालः आईडीबीआई से 9.50 फीसदी पर 22 लाख का होम लोन लिया है। लोन की अवधि 27 साल है। अब होम लोन के लिए इंश्योरेंस कैसे खरीदें ?


ऋषि मेहराः  होम लोन के लिए अलग-अलग इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं। प्रॉपर्टी बीमा, जीवन बीमा, जॉब बीमा के विकल्प है। आप एक या सभी इंश्योरेंस ले सकते हैं। बैंक के प्रीमियम प्लान में से भी चुन सकते हैं। बैंक के साथ देनदार प्रीमियम की रकम तय करता है। प्रोफाइल के मुताबिक प्रीमियम तय होता है। अक्सर लोन लेते वक्त ही इंश्योरेंस लिया जाता है।  आपके लोन पर 9.50 फीसदी की ब्याज दर ज्यादा है। होम लोन पर ब्याज दर घटकर 8.35 फीसदी है। ईएमआई घटाने के लिए होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कराएं। कई बैंक देते हैं बैलेंस ट्रांसफर पर 8.35 फीसदी की ब्याज दर देगें।