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आर्थिक आजादी के रंग, कैसे मिलेगी फाइनेंशियल फ्रीडम

प्रकाशित Fri, 18, 2017 पर 14:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

तिरंगे के तीन रंग। इन तीनों रंगों की अपनी कहानी है। तिरंगे में केसरिया, सफेद और हरा रंग चुनने के पीछे एक सोच या कहें फिलॉसफी है। तिरंगे के इन तीन रंगों में निवेश का दर्शन भी छिपा है। अगर आप इन तीन रंगों की फिलॉसफी समझ लें तो आप अपनी आर्थिक आजादी की ओर बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं। देश की आजादी के बेमिसाल 70 साल के मौके पर हम योर मनी का स्पेशल एडिशन ले आए हैं। आज हम तिरंगे की तीन रंगों के जरिए आर्थिक आजादी के सूत्र सिखाएंगे और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला। 


गौरव मशरूवाला आर्थिक आजादी की ओर कदम बढ़ाने के लिए सबसे पहले अपने अपने आर्थिक लक्ष्यों को तय करना जरुरी है ताकि आपके लक्ष्य से प्लानिंग का सही रास्ता निकल सकें। आर्थिक आजादी का मूल मंत्र होता है लक्ष्य के हिसाब से निवेश है। छोटी और लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए अलग निवेश करें। बच्चों की पढ़ाई, प्रॉपर्टी, रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए रकम निर्धारित करें ताकि आप सही निवेश से पैसा कमाएगा सकें।


आप सही निवेश से पैसा कमाने के लिए आप एमर्जेंसी फंड में भी निवेश करें ताकि मुश्किल वक्त में भी आर्थिक रुप से आजाद रह सकें। एमर्जेंसी फंड, आर्थिक स्वतंत्रता का जरिया हैं। एमर्जेंसी फंड, मुश्किल वक्त में ईएमआई जारी रखने में भी काम आते हैं। 


एक तरफ जहां एमर्जेंसी फंड, मुश्किल वक्त में काम आते है वहीं बीमा आपके अपनों की सुरक्षा के लिए बुनियाद बनता है। बीमा के जरिए अपने पूरे परिवार का कराएं हेल्थ इंश्योरेंस। गंभीर बीमारियों से अकाउंट खाली हो सकता है। 


ध्यान रखें कि आर्थिक आजादी के लिए जरुरी है कि निवेशक कर्ज मुक्त रहें जिसके लिए उसे खुद पर कर्ज को बोझ नहीं बढ़ाना है। आप अपने बकाएं कर्ज को लगातार चुकाते रहें। कर्ज जल्दी चुकाने की कोशिश करें
कर्ज के बोझ से छुटकारा पाना अहम है। परिवार को आपके निवेश की जानकारी होनी चाहिए। परिवार की आर्थिक सुरक्षा आप पर निर्भर है। परिवार की सहूलियत के लिए वसीयत जरूर बनवाएं।


पैसा सुख का साधन बने, चिंता का नहीं, पैसों के लेकर असुरक्षित ना महसूस करें। दौलत को द्वेष की वजह न बनने दें। पैसों को बनाएं अच्छी लाइफस्टाइल का जरिया बनाएं। रिश्तों में गर्माहट मानसिक शांति के लिए जरूरी होती है। हरे से हो संपन्नता का एहसास होता है। टैक्स चोरी से बचें। समय पर टैक्स भरें और समाज के विकास में भी अपना योगदान दें।