Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

नए साल के लिए कैसे करें फाइनेंशिययल तैयारी

प्रकाशित Sat, 30, 2017 पर 17:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नया साल मतलब नए सिरे से शुरुआत करने का मौका। नया साल का आगाज यानि पिछली साल हुई गलतियों से सीख लेने का वक्त। नया साल मतलब खुद से नए वादे कर निभाने का। आज हम भी 2018 के स्वागत में खुद से कुछ वादे करेंगे जो देंगे आपको एक बेहतर भविष्य की गारंटी। और इसी बेहतर भविष्य के लिए संकल्प दिलाने के लिए हमारे साथ हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा।


पहला वायदा होगा हेल्थ इंश्योरेंस लेने का। हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी है। मेडिकल खर्च आपकी जमा-पूंजी के लिए बड़ा खतरा होता है। इसलिए जरूरत के हिसाब से हेल्थ इंश्योरेंस का सही कवर लें। क्रिटिकल इलनेस के लिए भी कवर लें। किडनी फेलियर, कैंसर, हार्ट अटैक जैसी बीमारियों के लिए कवर लें।


दूसरा वायदा है इमर्जेंसी फंड बनाने का। इमरजेंसी फंड किसी अनहोनी में काम आएगा। 3-6 महीने के खर्च के बराबर का इमरजेंसी फंड बनाएं। इमरजेंसी फंड के लिए लिक्विड म्युचुअल फंड या एफडी करें।


छोटी अवधि के लिए लक्ष्य तय कर निवेश करने का वादा तीसरा वायदा होना चाहिए। बचत करें लेकिन निवेश अहम है। अलग-अलग अवधि के हिसाब से लक्ष्य तय करें। अवधि के हिसाब से लक्ष्य के लिए फंड चुनें। 1-3 साल के लिए अलग लक्ष्य रखें।


लंबी अवधि के लिए लक्ष्य तय कर निवेश करने का वादा भी अहम वायदा है। ये बेहतर भविष्य की तैयारी के लिए जरूरी है। लंबी अवधि के लिए अपने और परिवार के लिए लक्ष्य तय करें। घर खरीदने, पढ़ाई के लिए भविष्य में कितनी जरूरत होगी, अनुमान लगाएं। ध्यान रखें कि जल्दी शुरू किए गए छोटे-छोटे निवेश से ही बनेगा बड़ा कॉर्पस।


रिटायरमेंट के लिए पहले से प्लानिंग बहुत जरूरी है इस लिए रिटायरमेंट प्लानिंग में पिछड़ें नहीं। रिटायरमेंट की प्लानिंग 40 की उम्र से पहले ही शुरू करें। पहली तनख्वाह से ही रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करें।


हर महीने बजट बनाने का वायदा करें हर महीने का बजट बनाने से खर्च पर काबू रखने में मदद मिलेगी। बजट बनाने से ही बचत की समझ बनेगी। इस बचत को सही जगह करें निवेश।


आप अपने से ये भी वायदा करें कि रिस्क क्षमता और लक्ष्य समझने के बाद ही निवेश करेंगे। बाजार की तेजी के दौरान क्षमता से ज्यादा रिस्क ना लें। अपनी रिस्क क्षमता के हिसाब से ही एसेट क्लास चुनें। सबकी रिस्क क्षमता अलग-अलग हैं।