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ब्याज दरें घटीं, क्या हो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Fri, 08, 2016 पर 11:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी की हर दम यही कोशिश होती है के आपके निवेश को सही दिशा दी जाए, ताकी आपको हो ज्यादा से ज्यादा फायदा। यहां आपको नए वित वर्ष में फाइनेंशियल प्लानिंग के गुरूमंत्र देने के लिए हमारे साथ हैं ओए पैसा के उदय धूत।


यहां सबसे पहले बात करते हैं कि ब्याज दरें घटने के बाद क्या हो आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग। बचा दें कि आपका कर्ज जल्द ही सस्ता होने वाला है। आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट चौथाई फीसदी घटाने का फैसला किया है। अब रेपो रेट घटकर 6.5 फीसदी हो गया है जो जनवरी 2011 के बाद सबसे निचले स्तर पर है। लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए रघुराम राजन ने एक और अनोखा फैसला लिया है। अब रेपो रेट और रिवर्स रेपो के बीच फर्क सिर्फ 0.50 फीसदी का रहेगा यानि रिवर्स रेपो रेट चौथाई  फीसदी बढ़कर 6 फीसदी हो गया है। रिवर्स रेपो पर ही बैंक अपना पैसा आरबीआी के पास रखते हैं। यही नहीं आरबीआई ने एमएसएफ दर 0.75 फीसदी घटाकर 7 फीसदी कर दी है।


ब्याज दरों में आगे और गिरावट की उम्मीद है। इस स्थिति में उदय धूत की राय है कि अगर 3-5 साल का नजरिया है तो मौजूदा दर पर एफडी करें। दरें घटने से फ्लोटिंग रेट वाले लोन सस्ते होंगे। फिक्स लोन रेट को ट्रांसफर करने का इरादा है तो पहले फिक्स लोन रेट की समीक्षा करें फिर कोई फैसला लें। लोन ट्रांसफर में लगने वाले खर्च का भी ध्यान रखें।


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