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योर मनीः जानें क्या है पैसिव और एक्टिव फंड की बारीकियां

प्रकाशित Tue, 09, 2016 पर 14:12  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हम हमेशा अपने भविष्य के बारें में सोचते हैं, उसे प्लान करने में लगे रहते हैं। रिटायरमेंट प्लानिंग हो या, बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्च, घर का बजट  हो या गाड़ी खरीदने की प्लानिंग। योर मनी आपके भविष्य को आपके प्लान के मूताबिक जीने में मदद करता है। आज इस खास पेशकश में जानेंगे कि एक्टिव और पैसिव फंड का फंडा क्या है। और लिक्विड फंड के रिटर्न पर कितना टैक्स बचता है। आपके निवेश से जुड़े तमाम मुद्दों और सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं आनंद राठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के फीरोज अजीज।


फीरोज अजीज के मुताबिक पैसिव फंड वह फंड होते है जिसमें बैंचमार्क इंडेक्स की तरह ही निवेश किया जा सकता है। इंडेक्स हेरफेर होने पर ही फंड में बदलाव होता है। फंड में रिटर्न बैंचमार्क से थोड़ा कम होता है। ईटीएफ और इंडेक्स फंड पैसिव फंड में शुमार होते है। बैंचमार्क के मुकाबले बेहतर रिटर्न वाला फंड चुन सकते है। जिनमें अच्छे पैसिव फंड बिड़ला सनलाइफ इंडेक्स फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इंडेक्स है जो एनएसई निफ्टी में शामिल है। भारतीय निवेशकों को पैसिव फंड में ज्यादा निवेश नहीं करना चाहिए।


एक्टिव फंड वह फंड होते है जिसमें फंड मैनेजर सक्रिय रूप से फंड को मैनेज करता है। साथ ही इसमें जरूरत के हिसाब से फंड में बदलाव मुमकिन होता है। फंड का रिटर्न ज्यादा होता है। अच्छे रिटर्न के लिए एक्टिव फंड लंबा नजरिया रखा जा सकता है। जिनमें अच्छे एक्टिव फंड बिड़ला सनलाइफ फ्रंटलाइन इक्विटी और फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा फंड है।


सवालः म्युचुअल फंड में सीधे निवेश करना बेहतर है या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए। डीमैट अकाउंट का चार्ज कितना होता है और एक्टिव और पैसिव फंड क्या होते हैं।


फीरोज अजीजः फाइनेंशियल प्लानर के माध्यम से म्युचुअल फंड में निवेश करना अच्छा होता है। फाइनेंशियल प्लानर पोर्टफोलियो बनाने में मदद करता है। साथ ही वह फंड के सही चुनाव में मदद करता है। अगर किसी कारण निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव चाहिए तो फाइनेंशियल प्लानर आपकी मदद भी करता है।


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