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एनपीसी की नई पहल, आसानी से होगा मनी ट्रांसफर

प्रकाशित Fri, 15, 2016 पर 11:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन यानी एनपीसी लेनदेन को आसान बनाने के लिए नई पहल की है। एनसीपी ने दुनिया का पहला यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस लॉन्च किया है। जिससे लेनदेन के लिए बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होगी। इसमें लेनदेन के लिए सिर्फ 1 नंबर होगा। पेमेंट का ये सिस्टम कितना कारगार होगा, कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में ये कितना बड़ा कदम है, क्या इससे मोबाइल वालेट्स कंपनियों को नुकसान होगा और क्या नए सिस्टम से सुरक्षा के लिए कोई बड़ी चिंताएं पैदा होंगी? इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा, पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और इट्जकैश के एमडी नवीन सूर्या और साइबर सिक्योरिटी कंपनी लूसिड्युस के एवीपी राहुल त्यागी


आईए सबसे पहले जान लेते हैं नए सिस्टम की क्या खूबियां हैं। बहुत जल्दी आपको अपने टैक्सी ड्राइवर को या किराना दुकानदार को पैसे देने के लिए वॉलेट रखने की जरूरत खत्म होने वाली है। अब सिर्फ एक नंबर की मदद से आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। इस सिस्टम को नाम दिया गया है यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और इसे लॉन्च किया है नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानि यूपीआई बैंकिंग की एक नई क्रांति है। यूपीआई का आधार होगा मोबाइल नंबर यूपीआई की मदद से पैसे का लेन-देन एसएमएस भेजने जितना आसान होगा जिसके लिए किसी क्रेडिट, डेबिट कार्ड या ई-वॉलेट की जरूरत नहीं होगी। बैंक से आपको एक यूनीक नंबर मिलेगा। इस यूनीक नंबर के जरिए एक से ज्यादा बैंक अकाउंट लिंक हो सकेंगे। ये सेवा 24x7 और रियल टाइम होगी।


यूपीआई के जरिए पेमेंट के लिए जिसको पैसे देने हैं, उसे आप अपना वर्चुअल पता देंगे। रिसीवर उस पते पर पैसे की मांग करेगा। आपको मोबाइल फोन पर ऑथेंटिकेशन मेसेज मिलेगा। जैसे ही आप पासवर्ड डालेंगे, उसे पैसे मिल जाएंगे। इसके लिए आपको बैंक डिटेल्स देने की जरूरत नहीं होगी।


यूपीआई के कई फायदे हैं। इससे छोटी राशि का भी ऑनलाइन पेमेंट हो सकेगा। कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। आपको अलग-अलग मोबाइल वॉलेट रखने की जरूरत नहीं होगी औप  ग्रामीण इलाकों में भी ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा। यूपीआई से जिंदगी और आसान हो जाएगी इसके जरिए तुंरत लेनदेन किया जा सकेगा। लेनदेन में सिर्फ एक वर्चुअल नंबर लगेगा। इसमें मोबाइल या आधार नंबर होगा वर्चुअल नंबर। आप कोई दूसरा वर्चुअल नंबर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यूपीआई के जरिए एक या ज्यादा लोगों के पैसे ट्रांसफर किए जा सकेंगे। इस लेनदेन में बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होगी। बैंक को सिर्फ को यूपीआई सिस्टम को शुरू करना होगा।खरीदार और मर्चेंट को सिर्फ वर्चुअल नंबर देना होगा जिसके ऑथेंटिफिकेशन के बाद लेनदेन पूरा हो जाएगा। मर्चेंट्स को अपने व्यक्तिगत जानकारी नहीं देना होगा। कई तरह के पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल हो पाएगा। कंपनियां भी यूपीआई का इस्तेमाल कर पाएंगी। जून के आखिर तक 29 बैंकों में यूपीआई लागू हो जाएगा बाद में और बैंकों को इसमें शामिल किया जाएगा।


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