Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

प्यार में पैसी की बात, ताकि शादी ना बने सरदर्द

प्रकाशित Sat, 02, 2016 पर 13:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लाइफ में किसी भी चीज की कोई गारंटी नहीं होती। और जब बात हो रिश्तों की तो इस नाजुक डोर में दरार आ जाती है। आए दिन हम तलाक के किस्सों के बारे में सुनते हैं, जो आपको मानसिक तौर पर परेशान तो करती है।  लेकिन साथ ही फाइनैंशियली भी आपके लिए काफी तनाव देती है। और यहां नाम आता है प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट जिन्हें शादी से पहले बनाया जाता है। क्या होते हैं प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट, क्यों इन्हें बनाना चाहिए, इन्हीं सब पर विस्तार से हम बात करेंगें हमारी इस खास पेशकश प्यार में लुट ना जाना में। इस खास चर्चा में शामिल हो रहे वरिष्ठ वकील सुजॉय कांतावाला और रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा


वरिष्ठ वकील सुजॉय कांतावाला का कहना है कि प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट शादी से पहले पति-पत्नी के बीच वित्तीय समझौता के ब्योरा है। तलाक के समय संपत्ति के बंटवारे पर यह एग्रीमेंट जरुरी होते है। प्रॉपर्टी, बिजनेस, पुश्तैनी जायदाद को लेकर भी समझौते में मदद मिलती है। साथ ही इसमें बच्चों की परवरिश का अधिकार भी शामिल होता है।


प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट में समझौते से पहले संपत्ति की सारी जानकारी जरूरी होती है। एग्रीमेंट को कोर्ट से लागू नहीं कराया जा सकता। तलाक की प्रकिया में एग्रीमेंट कोर्ट के काम आता है। इस समझौते को पति-पत्नी के वकील मिलकर बनाते हैं। प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट बनाने की प्रकिया आसान होती है। प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट कॉन्ट्रैक्ट एक्ट में शामिल नहीं होते। इस एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन नहीं होता है। समझौता करने से पहले सावधानी रखना जरूरी होता है। तलाक के समय एग्रीमेंट बदल नहीं सकते।
 
रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट के फायदे है। भारत में प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट का प्रचलन कम है। लेकिन धीरे-धीरे प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट का प्रचलन बढ़ रहा है। अगर पहले की शादी से बच्चे हैं तो एग्रीमेंट काफी अहम होता है।


तलाक के बाद संपत्ति के बंटवारे की स्थित साफ रहती है। बच्चों की परवरिश के अधिकार को लेकर सफाई रहती है। साथ ही वित्तीय सुरक्षा के लिए प्रीनपच्युअल एग्रीमेंट बेहतर होता है। तलाक के समय गुजारा भत्ता के फैसले में सहूलियत भी मिलती है।
 
वीडियो देखें