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योर मनीः अकेले जिएं बेफिक्र जिंदगी, लेकिन कैसे

प्रकाशित Sat, 30, 2016 पर 13:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सिंगल रहना आजकल चलन में है। आजाद जिंदगी किसे नहीं पसंद, लेकिन क्या आप आर्थिक तौर पर भी आजाद हैं? महिलाएं, बेहतर फाइनेंशियल प्लानर होती हैं, लेकिन क्या आज की इंडिपेंडेंट सिंगल वुमन अपने साथ-साथ क्या अपने पैसे का भी ख्याल रखती है। योर मनी में हम इसी पहलू पर बात कर रहे हैं। सिंगल वुमन की फाइनेंशियल प्लानिंग पर बात कर रहे हैं, एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी


निखिल कोठारी का कहना है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा जीती हैं, ऐसे में लंबी उम्र के लिए निवेश की प्लानिंग जरूरी है। लिहाजा अकेली महिलाओं को रिटायरमेंट की प्लानिंग जितनी जल्द हो शुरू कर देनी चाहिए। निखिल कोठारी के मुताबिक ज्यादातर महिलाएं निवेश के फैसले खुद नहीं करतीं, लेकिन निखिल कोठारी की राय ये है कि अपने निवेश के निर्णय दूसरों पर ना छोड़ें।


निखिल कोठारी की सलाह है कि मासिक आय का 5-10 फीसदी पैसा रिटायरमेंट के लिए जमा करें। सिर्फ पेंशन फंड या एनपीएस जैसे विकल्पों में ही निवेश ना करें। म्युचुअल फंड में निवेश से ज्यादा फायदा मुमकिन है। साथ ही खुद के लिए पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी लें। साथ ही निखिल कोठारी का ये भी कहना है कि करियर ब्रेक के लिए ठीक से प्लानिंग करें।


निखिल कोठारी ने बताया कि महिलाओं में जोखिम लेने की क्षमता कम होती है। ऐसे में उनकी सलाह है कि लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करें जहां जोखिम काफी कम होता है। साथ ही इक्विटी में लंबी अवधि के निवेश से अच्छे रिटर्न भी मिल सकते हैं। इसके अलावा निखिल कोठारी ने कहा कि अकेली महिलाओं को भी अपने लिए इमरजेंसी फंड जरूर बनाकर रखना चाहिए।


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