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योर मनी: इस फेस्टिव सीजन शॉपिंग करें सोच समझकर

प्रकाशित Thu, 14, 2017 पर 09:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अक्सर फेस्टिवल सीजन में आप जमकर शॉपिंग, खरीदारी के मूड में रहते हैं, फेस्टिविटी के रंग में रंगने के लिए हम खूब पैसे खर्च करते हैं, ढेरों डिस्काउंट, लुभावने ऑफर्स आपको ललचाते रहते हैं। नतीजा ये कि महासेल और डिस्काउंट के चक्कर में फंसकर लोग अंधाधुंध शॉपिंग कर लेते हैं और जब क्रेडिट कार्ड का बिल आता है तो होश आता है कि कुछ ज्यादा हो गया। कुछ लोगों का बजट तो इतना ज्यादा बिगड़ जाता है कि वह अगले सीजन तक काबू में नहीं आ पाता। कहने का मतलब है कि लालच कभी कभी पूरे घर का बजट बिगाड़ देता है। योर मनी में आज आपको बताएंगे कि कैसे डिस्काउंट के छलावे से बचा जाए। कैसे सोच समझकर अपनी जेब ढीली करें, ताकि आपके निवेश के लिए भी पैसे बच जाएं और आपकी जरूरतें भी पूरी हो जाएं। इसी पर आज होगा फोकस और आज हमारे साथ हैं एटिका वेल्थ प्राइवेट मैनेजमेंट लिमिटेड के डायरेक्टर एंड सीएफपी निखिल कोठारी।


आपको पहले बात दें कि महासेल का आगाज होने वाला है। फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज 20 से 24 सितंबर तक चलेगा। शॉपक्लूज की महासेल भी 21-28 सितंबर से होगी। अमेजन की महासेल भी इसी महीने होगी। पेटीएम मॉल ने भी सेल की तैयारी की है। इसके अलावा बिग बाजार और विशाल मेगामार्ट भी तैयार हैं।


इस तरह के महासेल में 90 फीसदी तक का डिस्काउंट का दावा किया जाता है। ईएमआई में भी शॉपिंग करने का विकल्प दिया जाता है। कैशबैक के लुभावने ऑफर्स भी होते हैं। कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान पर भारी डिस्काउंट दिया जाता है। फिर महासेल की चकाचौंध हमें फंसा देती है। सस्ते के चक्कर में जरूरत से ज्यादा शॉपिंग हो जाती है। जिन चीजों की जरूरत नहीं है उसकी भी शॉपिंग कर लेते हैं। क्रेडिट कार्ड का जमकर इस्तेमाल करते हैं, कई बार ज्यादा शॉपिंग कर्ज के जाल में फंसा देती है। आपको बता दें कि क्रेडिट कार्ड बिल ना चुकाने पर हर महीने 36 फीसदी तक ब्याज देना पड़ सकता है। क्रेडिट कार्ड का ज्यादा बिल आने पर ईएमआई का विकल्प चुनते हैं जबकि क्रेडिट कार्ड ईएमआई महंगी पड़ती है।


आपको सलाह है कि डिस्काउंट के छलावे से बचने के लिए अपनी इच्छाओं पर काबू रखें। फ्री के चक्कर में ज्यादा शॉपिंग से बचें। जिन चीजों की जरूरत है सिर्फ उन्हीं को खरीदें। शॉपिंग जाने से पहले क्या-क्या खरीदना है उसकी लिस्ट बनाएं। क्रेडिट कार्ड का बेजा इस्तेमाल ना करें। सरप्लस पैसे से शॉपिंग नहीं निवेश करें। रिटायरमेंट, घर, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे लक्ष्यों के लिए निवेश करें। दिवाली बोनस मिले तो कम से कम 60 फीसदी पैसे को निवेश करें। इस फेस्टिव सीजन एसआईपी शुरू करने का संकल्प लें और अगले साल रिटर्न के पैसे से शॉपिंग करें।