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योर मनी स्पेशलः खुशियों का योग, सुकून की दौलत

प्रकाशित Wed, 22, 2016 पर 14:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योग आपको, अपने आप से जोड़ता है, लेकिन क्या योग आपको धन से जोड़ सकता है? आप सोच रहे होंगे की धन और योग का क्या कनेक्शन है? लेकिन योग ही एक ऐसा माध्यम है जो आपको शारिरीक तौर पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक और आध्यात्मिक तौर पर भी संपूर्ण बना सकता है।


धनयोग के इसी मुद्दे पर फाइनेंशियल प्लानर और योगिक वेल्थ के लेखक गौरव मशरूवाला का कहना है कि पैसे से जुड़ी जो बुरी भावनाएं हैं उनमें डर, लालच, घमंड, घबराहट, ईर्ष्या, हताशा और गुस्सा आदि का समावेश है। सिर्फ पैसे से ही खुशी नहीं मिलती है, बल्कि खुशी पैसे से जुड़ी बुरी भावनाओं को खत्म करने से मिलती है। बिना सुकून के दौलत से आपको खुशी नहीं मिलेगी।


गौरव मशरूवाला के मुताबिक वेल्थ या दौलत 4 तरह की होती हैं, फिजिकल, सोशल, इमोशनल और फाइनेंशियल। गौरव मशरूवाला का कहना है कि चारों में एक भी वेल्थ ना होने से खुशी नहीं मिलेगी। चारों तरह की वेल्थ लय में होने से ही आपको खुशी मिलेगी। अपनी दौलत का मजा लेने के लिए मन की शांति जरूरी है। योग और ध्यान से मन की शांति पा सकते हैं।


गौरव मशरूवाला का मानना है कि पैसा हमारी जरूरतों को पूरा करता है, लेकिन पैसे नहीं होने से डर पैदा होता है। पैसे नहीं होने से बाद में दूसरी बुरी भावनाएं पैदा होती हैं। पैसे की कोई भावना नहीं है, लेकिन ये सब भावनाएं पैदा कर सकता है। हालांकि पैसे से जुड़ी बुरी भावनाएं दूर करने से आर्थिक आजादी मिलती है। गौरव मशरूवाला की सलाह है कि अपनी जरूरतों के लिए पूरी प्लानिंग करें और अपने पैसे से मजा उठाएं। साथ ही काम और जिंदगी में संतुलन बेहद जरूरी है।


गौरव मशरूवाला ने ये भी बताया कि अक्सर कहा जाता है कि लक्ष्मी चंचल होती है, लेकिन लक्ष्मी चंचल नहीं होती बल्कि हम चंचल होते हैं। लक्ष्मी ऐसी दौलत है जो हमेशा साथ रहती है। यदि हम अपना हिसाब-किताब सही से नहीं करेंगे या वित्तीय लक्ष्यों को तय नहीं करेंगे और फिजूलखर्ची करते रहेंगे, तो ऐसे में लक्ष्मी चंचल होने का सवाल नहीं है। यही दर्शाता है कि हम और हमारा मन चंचल होता है, ऐसे में इन बातों को ध्यान देना बहुत जरूरी है।


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