योर मनी: जाने ई-पेमेंट गेटवे भीम की खासियत -
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योर मनी: जाने ई-पेमेंट गेटवे भीम की खासियत

प्रकाशित Mon, 09, 2017 पर 18:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने नया मोबाइल ऐप भीम लॉन्च किया है जो बिना इंटरनेट चलेगा। लेकिन क्या ये एप आपके पास मौजूद ई-वॉलेट्स से बेहतर है! कैसे इसका इस्तेमाल किया जाए? इसी पर है आज योरमनी का फोकस। भीम का पूरा नाम है भारत इंटरफेस फॉर मनी। भीम ऐप से पैसे का लेनदेन बेहद आसान है। सबसे पहले अपने मोबाइल के प्लेस्टोर से भीम ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद अपने बैंक खाते को भीम से रजिस्टर करें और यूपीआई पिन बनाएं।


आपका मोबाइल नंबर ही आपका यूपीआई पता है। अब आप यूपीआई से जुड़े देश के 23 बैंकों के किसी खातेदार से लेन-देन करने के लिए तैयार है। आप उन्हें पैसे भेज सकते हैं उनसे पैसे पा सकते हैं। अगर आप किसी ऐसे बैंक के ग्राहक को पैसे भेजना चाहते हैं तो वो भी संभव है। इसके लिए आपको आईएफएससी कोड या एमएमआईडी का इस्तेमाल करना होगा। इस ऐप से आप खाते का बैलेंस चेक करने के साथ फटाफट पेमेंट के लिए क्यूआर कोड भी बना सकते हैं। भीम ऐप से आप एक बार में 10 हजार रुपये तक और 24 घंटे में 20 हजार रुपये का लेनदेन कर सकते हैं।


भीम से लेनदेन में यूपीआई का भी इस्तेमाल होता है। अभी आईओएस पर ये ऐप मौजूद नहीं है। आपके फोन नंबर की जांच के बाद 4 डिजिट का कोड मिलेगा। कोड मिलने के बाद बैंक का चुनाव करें। ऐप अपने आप बैंक का नाम और आईएफएसी कोड पता करेगा। भीम पर वीपीए और एमपिन बनाना पड़ेगा। भीम पर लेन देन और स्कैन एंड पे की सुविधा है। पैसों के लेनदेन के लिए वीपीए और एमपिन पता होना जरूरी है। स्कैन एंड पे के लिए क्यूआर कोड जरूरी होता है। हर मोबाइल नंबर के लिए क्यूआर कोड मिलता है।


बता दें कि यूपीआई में अलग से बैंक का ऐप लगता है। वहीं भीम में सारे अकाउंट एक ही ऐप में हैं। यूपीआई ऐप पर फंड ट्रांसफर, चेक बुक निवेदन जैसी सुविधाएं होती हैं जबकि भीम पर ऐसी सुविधाएं नहीं हैं। यूपीआई में क्यूआर कोड से पेमेंट मुमकिन नहीं है। वहीं अगर ई-वॉलेट से तुलना करें तो पेमेंट वॉलेट को कार्ड और नेट बैंकिंग से रीचार्ज करना होता है जबकि भीम बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ है। ई-वॉलेट पर ट्रांजैक्शन चार्ज लगता है जबकि भीम पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं है।