Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

जीएसटी के बाद कैसे करें फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रकाशित Tue, 23, 2017 पर 14:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी रेट निधारित हो चुकें हैं और अब बारी आती है बजट बनाने की। जीएसटी के तहत नई दरें, ना सिर्फ आपके किचन के बजट पर, बल्कि आपके पूरे घर के बजट, लाइफस्टाइल खर्चों और यहां तक की आर्थिक लेन देन पर भी असर डालेंगी। योर मनी हम आपको जीएसटी के जुडे टैक्स के बदलावों से रूबरू करवाएंगें और आपको बताएंगें, कहां आपकी जेब हो रही है हल्की और कहां आपकी हो रही है बचत। हमारे साथ है रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा और टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि कई तरह के टैक्स की जगह एक टैक्स अच्छी बात है। जीएसटी से टैक्स का ढांचा आसान बनेगा। जीएसटी टैक्स लीकेज कम करने के लिए जरुरी है। इससे ना केवल टैक्स में पारदर्शिता आएगी बल्कि देश की ग्रोथ में बढ़ोतरी होगी।


वहीं फ्रोजेन मीट प्रोडक्ट, मक्खन, चीज, घी, मेवे, चर्बी, सॉसेज, जूस, नमकीन, आयुर्वेदिक दवा, इलाज के उपकरण, दंतमंजन, अगरबत्ती, मोमबत्ती, ड्रॉइंग बुक, पिक्चर बुक, छाते, सिलाई मशीन, मोबाइल, पेन, पतंग, जॉमेट्री बॉक्स, बर्तन, चाकू, ट्रैक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, कंघी, पेंसिल पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। जबकि 18 फीसदी जीएसटी पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, पेस्ट्रीज, केक, सब्जियों का अर्क, जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, रेडी टू ईट फूड, मिनरल वाटर, टिशू पेपर, रुई, सुई, नोटबुक, स्टील उत्पाद, कैमरा, फिल्म रोल, हेल्मेट, लकड़ी, कार्बन पेपर, टॉयलेट पेपर, स्पीकर, मॉनिटर, गुब्बारे, बटन, ज्यादातर रसायन और धातु पर लगाया गया है।


च्युइंग गम, शीरा, व्हाइट चॉकलेट, चॉकलेट वेफर, पान मसाला, सोडा वाटर, पेंट, कार टायर, मैट्रेस, सूटकेस, पर्स, नकली फूल, डियोड्रेंट, शेविंग क्रीम, आफ्टर शेव, शैंपू, डाई, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरामिक टाइल्स, सीमेंट, कांच, वॉटर हीटर, लॉकर, नेम प्लेट, एसी, ट्रक, सनग्लास, घड़ी, लैंप, डिशवाशर, वाश बेसिन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर, हेयर क्लीपर, कार, मोटरसाइकिल, प्राइवेट जेट, यॉ पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया गया है।


रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि जीएसटी से वित्तीय लेनदेन पर टैक्स बढ़ेगा। वित्तीय लेनदेन पर टैक्स 15 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी हुआ है। वहीं क्रेडिट कार्ड का भुगतान, एटीएम ट्रांजैक्शन महंगे किए गये है। फंड ट्रांसफर, लोन की फीस पर ज्यादा टैक्स लगेगा। शेयर ब्रोकरेज पर टैक्स भी बढ़ेगा। 


चावल, गेहूं, मीट, मछली, चिकन, अंडे, दूध, छाछ, दही, शहद, सब्जियां और फल, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, गुड़, बिंदी, सिंदूर, स्टांप, स्टांप पेपर, छपी किताबें, अखबार, चूड़ियां, हैंडलूम, लाख, पान का पत्ता, मुरमुरे, पापड़, गर्भनिरोधक, जैविक खाद, लकड़ी का कोयला, हैंडटूल, स्पेसक्राफ्ट, हाथ से बने वाद्य यंत्र, स्लेट, स्लेट पेंसिल पर जीएसटी की कोई दरें नहीं लगाई गई है।


मछली के टुकड़े, क्रीम, मिल्क पाउडर, ब्रांडेड पनीर, फ्रोजेन सब्जियां, पैक्ड कॉफी-चाय, चीनी,  मसाले, रिफाइंड तेल, मिठाई, पिज्जा ब्रेड, टोस्ट, साबूदाना, केरोसीन, कोयला, दवा, स्टेंट, गिट्टी, लाइफ बोट, माचिस, साइकिल टायर, अखबारी कागज, ईंट, प्लेन, शिप, झाडू़ पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा।


लग्जरी होटलों में जीएसटी ज्यादा लगाया गया है, जबकि छोटे रेस्टोरेंट पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। 1000 रुपये से कम किराए वाले होटल पर 5 फीसदी का जीएसटी लगाया गया है। 1000-2500 रुपये के किराए वाले होटल पर 12 फीसदी का जीएसटी लगाया गया है। 2500-5000 रुपये के किराए वाले होटल पर 18 फीसदी का जीएसटी लगाया गया है। 5000 रुपये से ज्यादा किराए वाले होटल पर 28 फीसदी का जीएसटी लगाया गया है।


अब आपका मोबाइल बिल भी महंगा होने वाला है। मोबाइल बिल पर 18 फीसदी का जीएसटी लेगेगा, पहले इस पर 15 फीसदी का सर्विस टैक्स लगता था। सिनेमा पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। लेकिन ट्रांसपोर्ट सेवाओं को सस्ता किया गया है और इन पर अब 5 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा।