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योर मनी: कैसे करें तय रिटायरमेंट का लक्ष्य

प्रकाशित Fri, 01, 2017 पर 18:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश की रणनीति अगर लक्ष्य को तय करके अपनाइ जाए, तो पूंजी जुटाना आसान हो जाता है। योर मनी में आज हमारा फोकस रिटारमेंट पर होगा, आपको समझांएंगें, इस लक्ष्य के लिए कहां, कैसे और कब निवेश करें। साथ ही एसआईपी की एहमियत से आपको वाकिफ करवाएंगें। ये सब बताने के लिए आज यहां हैं फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला


फाइनेंशियल प्लानिंग में रिटायरमेंट के लक्ष्य को सबसे पहले तय करने का नियम है। लेकिन यही एक एसा लक्ष्य, जिसे निर्धारित करने में हमें सबसे ज्यादा देर हो जाती है। सोने में निवेश, फिकस्ड डिपॉजिट या फिर प्रोपर्टी, यही वो निवेश है, जिस पर अमूमन, सभी का भरोसा होता है। लेकिन इस निवेश में वाकई आपके रियारमेंट के लक्ष्य को पूरा करने की क्षमता है, या इससे बेहतर भी कोई विकल्प है। योर मनी पर आज हम चर्चा की शुरूआत इसी से करते हैं।


गौरव मशरूवाला का कहना है कि रिटायरमेंट का लक्ष्य जल्द तय करें। कम उम्र में इक्विटी फंड में एसआईपी, ईपीएफ, एनपीएस पीपीएफ से इसकी शुरुआत करें। लंबी अवधि में इक्विटी में निवेश ज्यादा करें। रिटायरमेंट का लक्ष्य अपनी जीवन शैली के खर्च में महंगाई को जोड़कर तय करें। घर खर्च, लाइफ स्टाइल, मेडिकल खर्च को भी जोड़ें। रिटायरमेंट सबसे पहला लक्ष्य होना चाहिए। लंबा निवेश, ज्यादा पूंजी इक्ट्ठा करने में मददगार होता है।


20 की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करते हैं तो स्मॉल और मिडकैप फंड में एसआईपी करें। साथ ही पीपीएफ और ईपीएफ में भी निवेश शुरू करें। एनपीएस को भी पोर्टफोलियो में शामिल करें। अगर कोई और लक्ष्य नहीं, तो इक्विटी में 80 फीसदी से 90 फीसदी निवेश करें।


30 की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करते हैं तो रिटायरमेंट पोर्टफोलियो में मिड कैप और लार्ज कैप फंड जोड़ें। म्युचुअल फंड की रिटायरमेंट स्कीम में निवेश करें। पीपीएफ और ईपीएफ में निवेश जरूरी है। एनपीएस को भी पोर्टफोलियो में शामिल करें। इक्विटी में निवेश बाकी लक्ष्यों की तुलना में संतुलित रखें।


40 की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करते हैं तो पोर्टफोलियो में लार्ज कैप फंड रखें। एसआईपी के जरिए निवेश करें। म्युचुअल फंड की रिटायरमेंट स्कीम में निवेश करें। पीपीएफ, ईफीएफ, एनपीएस में निवेश जारी रखें, निवेश की राशि बढाएं।


50 की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करते हैं तो म्युचुअल फंड की लार्ज कैप रिटायरमेंट स्कीम में निवेश करें। ईपीएफ और पीपीएफ में निवेश करें। इक्विटी में निवेश कम करें जबकि डेट में निवेश बढाएं।