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टैक्स सेविंग निवेश पर सीखें काम की बात

प्रकाशित Thu, 30, 2017 पर 13:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

31 मार्च सिर्फ दो ही दिन दूर है और ऐसे में आपने अभी तक अपने टैक्स बचाने के लिहाज से निवेश नहीं किया है तो आपके पास बिलकुल भी समय नहीं रह गया है। अंतिम समय में कैसे कर सकते है आप टैक्स प्लानिंग। इसी को लेकर योर मनी कर रहा है आपकी मदद और आपको बताएंगे कहां आप निवेश कर सकते है और कैसे जल्दबाजी में निवेश की गड़बडियों से बच सकते है। साथ ही 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलाव होने वाला है आपके पोर्टफोलियों में और इसका क्या असर होगा आपकी जेब पर। इन तमाम सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ है फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरुवाला और आनंद राठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज।


फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरुवाला का कहना है कि लक्ष्यों के हिसाब से निवेश की प्लानिंग करने का अब वक्त नहीं रहा है। अगर कुछ करना है तो महज कुछ ही विकल्प निवेशक के पास है जिसमें पहला है कि बैंक एफडी की जाये। एफडी करने के लिए ऑनलाइन जा कर 5 साल के लिए बैंक एफडी में निवेश करें। अगर पीपीएफ उसी बैंक में है और ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है तो आप अपने बैंक अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर सकते है। साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते है।


गौरव मशरुवाला के मुताबिक 80डी के तहत टैक्स छूट मिलती है जिसके तहत निवेशक को हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 25,000 रुपये तक की छूट दी जाती है। वहीं बुजुर्ग माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस पर 30,000 की अतिरिक्त छूट मिलती है।


फिरोज अजीज का कहना है कि पीपीएफ और ईएलएसएस टैक्स के लिहाज से काफी अहम है एक डेट के नजरिये से तो दूसरा इक्विटी के नजरिये से। बीते 10 सालों की तुलना में ईएलएसएस ने पीपीएफ दुगुना रिटर्न मिला है। टैक्स छूट के लिए ईएलएसएस सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें लिक्विडिटी और पारदर्शिता दोनों है और पिछले 3 साल में ईएलएसएस के रिटर्न 17.8 फीसदी रिटर्न मिले है। जिसके चलते इसमें 3 साल का लॉक इन पीरियड पर निवेश करें।


फिरोज अजीज के मुताबिक रिटायरमेंट के लिए एनपीएस की 80 सेक्शन टीटीडी बहुत ही फायदेमंद सेक्शन है। हालांकि कम समय में निवेश करते हुए वक्त अक्सर काफी गलतियां हो जाती है लेकिन इन गलतियों से बचने के लिए लक्ष्य के हिसाब से निवेश ना करने की सलाह होगी।


आय के सारे स्रोत सही तरह से नहीं बताना। सिर्फ टैक्स बचत के लिए निवेश करना सहीं नहीं होता है। निवेश कागजात को बिना ध्यान से पढ़े दस्तखत ना करें। 1.5 लाख के ऊपर भी ईएलएसएस में निवेश नहीं करना चाहिए।