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एफआईआई करेंगे निराश, घरेलू निवेशकों से सहारा

प्रकाशित Fri, 18, 2018 पर 09:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार की आगे की चाल और दिशा पर बात करते हुए मार्केट एक्सपर्ट उदयन मुखर्जी ने कहा कि कच्चे तेल के भाव, रुपये की स्थिति को देखते हुए ग्लोबल निवेशक भारत को लेकर सतर्क नजरिय अपनाए हुए हैं। हालांकि घरेलू निवेशक बुलिश हैं लेकिन भारतीय बाजारों को लेकर विदेशी निवेशक बुलिश नहीं हैं। बढ़ता सीएडी और कमजोर रुपया भारत के लिए चिंता का सबब बन गया है। 1-1.5 साल से दुनिया में नकदी घट रही है जिसके चलते इमर्जिंग मार्केट्स में विदेशी निवेश घट रहा है।


मजबूत डॉलर भी बाजार की चाल पर असर डालेगा। भारतीय बाजार अगले 1-1.5 साल घरेलू फंड्स पर ज्यादा निर्भर रहेंगे। भारतीय बाजारों को घरेलू निवेश और घरेलू म्युचुअल फंड्स ही संभालेंगे।


उदयन मुखर्जी की राय है कि भारतीय बाजारों को ग्लोबल लिक्विडिटी या एफआईआई से मदद नहीं मिलने वाली है। बाजार में जो कमजोरी चल रही है उसमें एफआईआई की लगातार बिकवाली का हाथ है और वो आगे भी बना रह सकता है। निवेशकों को ग्लोबल स्तर पर दो चीजों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। इनमें से पहला है डॉलर इंडेक्स और दूसरा है अमेरिका के बॉन्ड ईल्ड। जबतक ये दोनों ऊपर जाएंगे भारतीय बाजारों पर दबाव बना रहेगा। जब इनमें गिरावट होगी तभी भारतीय बाजारों में पुल बैक आएगा।