Moneycontrol » समाचार » बाजार आउटलुक- फंडामेंटल

नतीजों पर दारोमदार, किस ओर जाएगा बाजार

प्रकाशित Mon, 17, 2017 पर 12:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार के जाने-माने जानकार उदयन मुखर्जी का कहना है कि घरेलू बाजारों में काफी जोरदार तेजी देखने को मिली है, ऐसे में एक करेक्शन का दौर जरूर मुमकिन लग रहा है। लिहाजा ग्लोबल जियो पॉलिटिकल खबरें बाजार में करेक्शन का कारण जरूर बन सकती हैं। वहीं आईआईपी और रिटेल महंगाई के आंकड़ों ने थोड़ा निराश किया, तो इंफोसिस के नतीजों से भी निराशा ही हाथ लगी है। इस तरह, घरेलू स्तरों पर भी बाजार के लिए दबाव बनाने वाली खबरें निकल कर आई हैं। इस माहौल में बाजार के 9000-9300 के दायरे में रहने के आसार ज्यादा हैं। फिलहाल बाजार के 9000 के नीचे जाने की गुंजाइश बेहद कम नजर आ रही है।


उदयन मुखर्जी के मुताबिक ट्रेडर्स के लिए अभी ज्यादा पोजीशन लेकर ट्रेड करना उचित नहीं होगा। दरअसल, जब तक चौथी तिमाही के नतीजों की तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो जाती है तब तक बाजार की चाल सीमित दायरे में ही करने की उम्मीद है। कंपनियों की तिमाही नतीजों के बाद ही बाजार की दिशा साफ होगी। हालांकि, फिलहाल बाजार का रुख नीचे की ओर नहीं है ऐसे में संभलकर शॉर्ट करने की सलाह होगी।


उदयन मुखर्जी का मानना है कि 9000-9050 के आसपास बाजार आने पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी करने का अच्छा मौका बन सकता है। उदयन मुखर्जी ने ये भी कहा कि इंफोसिस के गाइडेंस पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता है। लिहाजा टीसीएस के नतीजों को देखने के बाद ही आईटी सेक्टर को लेकर कोई आउटलुक दिया जा सकता है। मौजूदा स्तरों से इंफोसिस में 100 रुपये की और गिरावट नजर आ सकती है। इंफोसिस के 830-840 रुपये तक गिरने की आशंका है। आने वाली कुछ तिमाहियों तक इंफोसिस के 1000 रुपये के ऊपर जाने की उम्मीद बेहद ही कम है।


उदयन मुखर्जी का कहना है कि मिडकैप शेयरों के वैल्युएशन काफी ज्यादा महंगे हो गए हैं। हाउसिंग फाइनेंस, बिल्डिंग मटेरियल्स, केमिकल और ऑटो एंसिलियरी जैसे सेक्टर के मिडकैप शेयरों में काफी तेजी देखने को मिली है। हालांकि, आगे बाजार में थोड़ा करेक्शन आता है और इन सेक्टर की कंपनियों में गिरावट आती है तो वहां खरीदारी करने का अच्छा मौका हो सकता है।


उदयन मुखर्जी ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर बैंकों में एसेट क्वालिटी खराब होने की ज्यादा चिंता नजर नहीं आ रही है। अगर दिग्गज प्राइवेट बैंकिंग शेयरों के क्रेडिट ग्रोथ को लेकर कोई निराशा के संकेत मिलते हैं तो शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है। लिहाजा इस हफ्ते टीसीएस की बजाय दिग्गज प्राइवेट बैंकों के नतीजे काफी अहम होंगे। बैंकिंग शेयरों की चाल पर ही आगे बाजार की चाल तय हो सकती है।