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आगे भी जारी रहेगा तेजी का रुख: नीलेश शाह

प्रकाशित Wed, 10, 2018 पर 12:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ के 13 साल पूरे हो रहे हैं। पिछले 13 साल में बाजार में क्या बदलाव आए हैं और अगले 13 साल में बाजार में क्या होगा। ये जानने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ लगातार बाजार के सबसे भरोसेमंद और दिग्गज एक्सपर्ट्स से बात कर रहा है। इसी सीरीज में कोटक म्युचुअल फंड के एमडी और सीईओ नीलेश शाह ने अपनी खास बात-चीत में आवाज़ से कहा कि बाजार में निवेश के तरीके में बदलाव आया है। अब एफआईआई के निगेटिव रुख से डर नहीं लगता। अब एफआईआई की बिकवाली में घरेलू फंड के लिए खरीद का मौका जैसी होती है।


अगले 13 साल में क्या होगा? इस सवाल पर नीलेश शाह की राय है कि तेजी का रुख आगे भी बना रहेगा। बचत की रकम सोने और करेंसी में नहीं लगेगी। सही फैसले लेकर सरकार ग्रोथ को तेज कर सकती है। नए बिजनेस मॉडल लाने वाली कंपनी तरक्की करेगी। पुराने तौर-तरीके से चलने वाली कंपनियों से दूर रहें। निवेश करना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। फंड मैनेजर को भी कमाई के नए नुस्खे सीखने होंगे।


आगामी बजट पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स से फायदा नहीं होगा। लेकिन शेयर बोनस, डिविडेंड पर टैक्स छूट बंद होनी चीहिए। ऐसा होने पर सरकार को 15000-25000 करोड़ की कमाई संभव हैं। उन्होंने आगे कहा कि डिविडेंड टैक्स के नियमों में कई कमियां हैं। इन कमियों को दूर करना जरूरी है।


सिगरेट पर हर साल टैक्स बढ़ने के ट्रेंड पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि सिगरेट पर टैक्स बढ़ाने से तस्करी बढ़ी है। तस्करी से आने वाली सिगरेट पर टैक्स नहीं मिलता। सिगरेट, नॉन सिगरेट टोबैको के बीच टैक्स तर्कपूर्ण होना चाहिए। तर्कपूर्ण टैक्स से सिगरेट की तस्करी रुकेगी और सरकार को 10000 करोड़ रुपये का टैक्स रेवेन्यू संभव है।


विनिवेश नीति में क्या बदलाव हों? इस पर नीलेश शाह ने कहा कि सरकारी कंपनियों में रणनीतिक हिस्सेदारी बिकनी चाहिए। टुकड़ों-टुकड़ों में शेयर बेचने का फायदा नहीं है। कंपनी बेचने पर 25-30 फीसदी प्रीमियम संभव है और 10000 करोड़ की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। इसके अलावा रेलवे की अतिरिक्त जमीन बेची जा सकती है। रेलवे की जमीन से 10-15 साल तक पैसे संभव हैं। सरकारी कंपनियों की भी अतिरिक्त जमीन बेची जा सकती है। पीएसयू के पास कई प्राइम लोकेशंस पर जमीन है सरकार को ब्रिटेन की थैचर सरकार की सी मुहिम चलानी चाहिए।