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वैल्युएशन थोड़ा महंगा, फिर भी इन सेक्टर में बाकी है दम

प्रकाशित Thu, 16, 2017 पर 11:19  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के डायरेक्टर एंड चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, मिहिर वोरा का कहना है कि बाजार के लिहाज से सेंटिमेंट काफी पॉजिटिव हो रहे हैं और एफआईआई निवेश भी लगातार आ रहा है। वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख उतना सख्त नहीं रहा है जितना की उम्मीद की जा रही थी। यूएस फेड के रुख को लेकर बाजार में चिंता का जो माहौल बना था वह भी खत्म होता नजर आ रहा है। भारतीय बाजारों के ये भी एक अच्छी बात ये है कि घरेलू संस्थागत निवेशक काफी खरीदारी कर रहे हैं।


हालांकि मिहिर वोरा का मानना है कि बाजार में काफी तेजी आ चुकी है, और अब वैल्युएशन काफी महंगा लग रहा है। लिहाजा, अब कंपनियों के तिमाही नतीजों में सुधार देखने को मिलता है तो इससे बाजार को दौड़ लगाने में मदद मिल सकती है। मिहिर वोरा ने कहा कि पिछले 2-3 साल से आईटी और फार्मा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है, ऐसे में इन सेक्टर में चुनिंदा शेयरों में पैसे लगाने का मौका नजर आ रहा है। फार्मा के लिए दिक्कतें लगभग खत्म होती नजर आ रही है।


मिहिर वोरा के मुताबिक रुपये में ज्यादा मजबूती नहीं होनी चाहिए, वरना भारत के एक्सपोर्ट बाजार के लिए प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ सकती है। आने वाले 1 साल के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 65-68 के दायरे में रहने का अनुमान है। वित्तीय घाटे में कमी आई है, और आगे घरेलू बाजार में एफआईआई की खरीदारी जारी रही तो रुपये में मजबूती दिख सकती है। रुपये के लिए 65-67 का स्तर बेहतर साबित हो सकता है।


मिहिर वोरा का कहना है कि कंज्म्पशन थीम ने भारतीय इकोनॉमी को काफी सहारा दिया है। भारत के खपत को देखते हुए कंज्म्पशन थीम को लेकर कोई चिंता नजर नहीं आ रही है। आगे एफएमसीजी सेक्टर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। एविएशन सेक्टर को लेकर पॉजिटिव नजरिया नहीं है।