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नतीजे देंगे बाजार को दिशा, एफआईआई निवेश से आएगी तेजी

प्रकाशित Mon, 20, 2017 पर 10:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बाजार के जाने-माने एक्सपर्ट उदयन मुखर्जी का कहना है कि आइडिया में पहले ही तेजी हो चुकी है और अगले 1-2 दिनों तक डील प्राइसिंग के आधार पर ही आइडिया का शेयर चल सकता है। मध्यम अवधि में डील की प्राइसिंग या फिर आदित्य बिड़ला ग्रुप का जो 130 रुपये प्रति शेयर का कॉल ऑप्शंस है उस पर आइडिया का शेयर प्राइस मुमेंट ज्यादा निर्भर रहेगा ऐसा नहीं लगता है। लंबी अवधि के लिए देखना होगा कि बिजनेस और अर्निंग टेलिकॉम सेक्टर में कैसे आगे चल रहे हैं। अभी वोडाफोन और आइडिया जुड़कर बहुत बड़ी कंपनी बनेगी , जिसका टेलीकॉम मार्केट में 42 फीसदी मार्केट शेयर होगा।


मर्जर के बाद आइडिया का बैलेंसशीट भी अच्छा हो जाएगा। देश में अब 3 बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिनमें डेटा और वॉयस को लेकर टेलीकॉम प्राइसिंग वॉर बढ़ेगा। आइडिया, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल इन तीनों के बीच में अब मार्केट शेयर के लिए काफी बड़ा संघर्ष होगा ऐसी उम्मीद है। रिलायंस ऐसी कंपनी है जो दूसरी या तीसरी पोजिशन पर आराम से बैठने वाली नहीं है। शेयर होल्डर्स के लिए अगले 4-5 तिमाही में बहुत ज्यादा रिटर्न आने की उम्मीद नहीं है। कंपनियां अपने मार्केट शेयर के ऊपर ज्यादा फोकस करेंगी।


उदयन मुखर्जी के मुताबिक अगला इवेंट जो बाजार के लिए फंडामेटली सबसे अहम होगा वो है अर्निंग। लंबी अवधि के लिए एक एसेम्बली चुनाव के नतीजे बाजार को दिशा नहीं सकते हैं। नतीजों पर ही बाजार की चाल बदलेगी। कंपनियों के नतीजे ही बाजार को स्थायी दिशा दे सकते हैं। अच्छे नतीजों के बाद ही बाजार में तेजी होगी। जनवरी-फरवरी में आए माइक्रो नंबर्स को देखते हुए नहीं लगता है कि चौथी तिमाही में बहुत शानदार नतीजे आएंगे।


वैल्युएशन और अर्निंग बाजार के लिए सबसे अहम फंडामेंटल मुद्दा है, वहां पर काफी चुनौतियां अभी तक हैं। कंपनियों की दोबारा 15-18 फीसदी ईपीएस ग्रोथ होना जरूरी है। अगर ग्लोबल तेजी और लिक्विडिटी बरकरार रही तो बाजार यहां से बिल्कुल ऊपर जा सकता है, लेकिन सामने वैल्युएशन और अर्निंग का खतरा अब भी बना हुआ है, इसे लंबी अवधि के निवेशक ना भूलें तो अच्छा है।


उदयन मुखर्जी का कहना है कि अगले 3 हफ्तों में बहुत ज्यादा न्यूजफ्लो की संभावना नहीं है, तो बाजार अर्निंग के लिए इंतजार कर रहा है। अगर अगले 2-3 हफ्तों में और 3-5 अरब डॉलर का निवेश भारतीय बाजारों में बढ़ता है तो बाजार ऊपर ही जाएगा। नतीजे आने तक अगर एफआईआई फ्लोज ऊपर की तरफ रहा तो बाजार नतीजों तक 9500-9600 तक भी जा सकता है। उसके बाद देखेंगे कि आगे के नतीजे और कमेंटरी कैसे आ रही है इस पर बाजार करेक्ट होगा या नहीं। यहां से अगले 2-3 हफ्ते कोई खराब खबरें नहीं आती हैं तो बाजार के ऊपर जाने की संभावना काफी है।


उदयन मुखर्जी ने कहा कि फार्मा सेक्टर में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि ट्रंप की पॉलिसी और यूएस एफडीए को लेकर अब भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। फार्मा शेयरों में लंबी अवधि के निवेशकों को अगले 6 महीने में एसआईपी करने की सलाह होगी। उम्मीद है कि अगले 6 महीने में फार्मा सेक्टर अच्छा उछाल दिखाएगा। आईटी सेक्टर में वैल्युएशन नहीं बल्कि ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है। आईटी सेक्टर में काफी फंडामेंटल बदलाव हो रहे हैं। बाजार में एंट्री के लिए वैल्युएशन अभी आकर्षक नहीं है।


उदयन मुखर्जी के मुताबिक बाजार बिना करेकशन दिए 10000 के ऊपर जाएगा ऐसा नहीं लगता है। इंफ्रा में निवेश के लिए इंतजार करना होगा, इसमें कैपेक्स रिवाइवल का कोई संकेत नहीं है। लिहाजा इंफ्रा में अंडरवेट रहना बेहतर होगा। आईटी सेक्टर पर ज्यादा बुलिश नजरिया नहीं है और पीएयसू बैंक में सतर्क रहने की सलाह होगी, क्योंकि शेयर काफी ऊपर आ चुके हैं। कैपेक्स साइकिल के कारण सीमेंट शेयरों से ज्यादा उम्मीदें हैं।