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आप ना रहें बेखबर, ये हैं आज के चर्चित शेयर

प्रकाशित Wed, 15, 2017 पर 07:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

शेयरों की हर हलचल पर पैनी नजर रखकर अपने निवेश को सुरक्षित जरूर किया जा सकता है। यहां हम बता रहे हैं ऐसे शेयर जो रहेंगे आज खबरों में और जिन पर होगी बाजार की नजर।


सीएट


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में सीएट का मुनाफा 31.5 फीसदी घटकर 73 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में सीएट का मुनाफा 106.5  करोड़ रुपये रहा था। वहीं, वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में सीएट की आय 21.2 फीसदी बढ़कर 1,523 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में सीएट की आय 1,257 करोड़ रुपये रही थी।


साल दर साल आधार पर दूसरी तिमाही में सीएट का एबिटडा 15.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 174.7 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में सीएट का एबिटडा मार्जिन 1.24 फीसदी से बढ़कर 11.5 फीसदी रहा है।


बैंक ऑफ बड़ौदा


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का मुनाफा 35.6 फीसदी घटकर 355.4 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का मुनाफा 552.1 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्याज आय 8.6 फीसदी बढ़कर 3720.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्याज आय 3426.1 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्रॉस एनपीए 11.4 फीसदी से घटकर 11.16 फीसदी रहा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में बैंक ऑफ बड़ौदा का नेट एनपीए 5.17 फीसदी से घटकर 5.05 फीसदी रहा है।


रिलायंस कैपिटल


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस कैपिटल का मुनाफा 39.2 फीसदी बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में रिलायंस कैपिटल का मुनाफा 253 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में रिलायंस कैपिटल की आय 7.3 फीसदी बढ़कर 5,243 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में रिलायंस कैपिटल की आय 4,886 करोड़ रुपये रही थी।


एनबीसीसी


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में एनबीसीसी का मुनाफा 10.4 फीसदी बढ़कर 74 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में एनबीसीसी का मुनाफा 67 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में एनबीसीसी की आय 10 फीसदी घटकर 1133 करोड़ रुपये पर रही है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में एनबीसीसी की आय 1249 करोड़ रुपये रही थी।


साल दर साल आधार पर दूसरी तिमाही में एनबीसीसी का एबिटडा 82 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर दूसरी तिमाही में एनबीसीसी का एबिटडा मार्जिन 5.7 फीसदी से बढ़कर 7.5 फीसदी रहा है।


जेपी एसोसिएट्स


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में जेपी एसोसिएट्स को 187 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में जेपी एसोसिएट्स को 781 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में जेपी एसोसिएट्स की आय 41 फीसदी घटकर 842 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में जेपी एसोसिएट्स की आय 1420 करोड़ रुपये रही थी।


इंडियाबुल्स रियल एस्टेट


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडियाबुल्स रियल एस्टेट का मुनाफा 24 फीसदी घटकर 108 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडियाबुल्स रियल एस्टेट का मुनाफा 142 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडियाबुल्स रियल एस्टेट की आय 9.4 फीसदी घटकर 826 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडियाबुल्स रियल एस्टेट की आय 912 करोड़ रुपये रही थी।


इंफीबीम


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंफीबीम का मुनाफा 10 फीसदी बढ़कर 21.5 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंफीबीम का मुनाफा 20 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंफीबीम की आय 9.2 फीसदी बढ़कर 201.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंफीबीम की आय 184.6 करोड़ रुपये रही थी।


इंडो काउंट


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडो काउंट का मुनाफा 43 फीसदी घटकर 36 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडो काउंट का मुनाफा 63 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में इंडो काउंट की आय 14 फीसदी घटकर 493 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में इंडो काउंट की आय 576 करोड़ रुपये रही थी।


कॉर्पोरेशन बैंक


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक को 1,035.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक को 206.3 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वहीं, वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक की ब्याज आय 1.3 फीसदी बढ़कर 1,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक की ब्याज आय 1,256 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक का ग्रॉस एनपीए 15.5 फीसदी से घटकर 15.3 फीसदी रहा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में कॉर्पोरेशन बैंक का नेट एनपीए 11.1 फीसदी से घटकर 10.2 फीसदी रहा है।


गीतांजलि जेम्स


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में गीतांजलि जेम्स का मुनाफा 52 फीसदी बढ़कर 64 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में गीतांजलि जेम्स का मुनाफा 42 करोड़ रुपये रहा था।


वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में गीतांजलि जेम्स की आय 4 फीसदी बढ़कर 3965 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में गीतांजलि जेम्स की आय 3789 करोड़ रुपये रही थी।