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खबरों के दम पर इन शेयरों में रहेगी हलचल

प्रकाशित Wed, 14, 2018 पर 07:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

शेयरों की हर हलचल पर पैनी नजर रखकर अपने निवेश को सुरक्षित जरूर किया जा सकता है। यहां हम बता रहे हैं ऐसे शेयर जो रहेंगे आज खबरों में और जिन पर होगी बाजार की नजर।


फोर्टिस हेल्थ


फोर्टिस हेल्थ सिंगापुर लिस्टेड रेलिगेयर हेल्थकेयर ट्रस्ट को खरीदेगी। रेलिगेयर हेल्थकेयर ट्रस्ट का वैल्युएशन 4,650 करोड़ रुपये के आसपास है। वहीं फोर्टिस हेल्थ के बोर्ड ने सिंह बंधुओं का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया है। साथ ही फोर्टिस हेल्थ 28 फरवरी को दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी।


ब्रिटानिया


वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में ब्रिटानिया का मुनाफा 19.6 फीसदी बढ़कर 263.6 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में ब्रिटानिया का मुनाफा 220.4 करोड़ रुपये रहा था। वहीं, वित्त वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही में ब्रिटानिया की आय 12.5 फीसदी बढ़कर 2,567.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में ब्रिटानिया की आय 2,282 करोड़ रुपये रही थी।


साल दर साल आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ब्रिटानिया का एबिटडा 314.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 398.4 करोड़ रुपये रहा है। सालाना आधार पर तीसरी तिमाही में ब्रिटानिया का एबिटडा मार्जिन 13.8 फीसदी से बढ़कर 15.5 फीसदी रहा है।


रिलायंस इंफ्रा


रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर और थाल्स इंडिया ज्वाइंट वेंचर को सीसीआई की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर, रिलायंस इंफ्रा की सब्सिडियरी है। रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर और थाल्स इंडिया ज्वाइंट वेंचर का नाम थाल्स रिलायंस डिफेंस सिस्टम होगा। थाल्स रिलायंस डिफेंस सिस्टम राफेल के लिए कलपुर्जे बनाएगी। इस ज्वाइंट वेंचर में रिलायंस एयरोस्ट्रक्चर की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी।


जेके टायर


जेके टायर के बोर्ड ने 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। कंपनी क्यूआईपी या प्राइवेट इक्विटी कंपनियों को शेयर जारी कर सकती है।


इंटरग्लोब एविएशन / स्पाइसजेट


दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट को एक-तिहाई उड़ानों को टी1 से टी2 पर शिफ्ट करने का आदेश दिया था। टी1 दिल्ली एयरपोर्ट का पुराना टर्मिनल है और टी2 नया टर्मिनल है। टी2 का किराया ज्यादा होने के चलते कंपनियां टी1 पर रहना चाहती हैं। टी2 पर जाने के लिए शिफ्टिंग का भी खर्च उठाना होगा।