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समझें ट्रैवल इंश्योरेंस की जरुरत, हो सके बेफिक्र सैर

प्रकाशित Fri, 27, 2018 पर 14:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बेफिक्र होकर देश-दुनिया के सैर-सपाटे के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस कितना जरूरी? और छुट्टियों की तैयारी करने से पहले समझें ट्रैवल इंश्योरेंस की बारीकियां योर मनी के साथ और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है टैक्स और निवेश एक्सपर्ट बलवंत जैन।


बलवंत जैन का कहना है कि विदेश यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस बेहद जरूरी है। सामान खोने या मेडिकल जरूरत पड़ने पर ट्रैवल इंश्योरेंस काफी मददगार साबित होते है। वहीं फ्लाइट की देरी या रद्द होने पर ट्रैवल इंश्योरेंस मददगार है। ट्रैवल इंश्योरेंस के जरिए वॉलेट खोने, पासपोर्ट गुम होने पर मदद मिलेगी। भारत में लिया हेल्थ इंश्योरेंस विदेश में कारगर नहीं होता है। मेडिकल खर्च के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी है। हालांकि इसमें पिछली बीमारियों का कवर नहीं मिलता है। कुछ देशों में वीजा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी होता है। लिहाजा ट्रैवल की प्लानिंग के साथ ही ट्रैवल इंश्योरेंस भी लें। ट्रैवल इंश्योरेंस ऑनलाइन ले सकते हैं।


उन्होंने आगे बताया कि विदेश के मेडिकल खर्च को ध्यान में रखकर ट्रैवल इंश्योरेंस का सम इंश्योर्ड लें। सामान के वैल्यू के हिसाब से सम इंश्योर्ड तय करें। कैमरा, लैपटॉप और बाकी कीमती सामान का वैल्यू है। फ्लाइट रद्द होने पर होटल में रुकने का खर्च सम इंश्योर्ड में आता है। मल्टीट्रिप इंश्योरेंस पर बात करते हुए बलवंत जैन ने आगे कहा कि आम तौर पर ट्रैवल करते हैं तो मल्टीट्रिप इंश्योरेंस लें। इसमें एक तय अवधि की यात्रा कवर होगी। एक साल के मल्टीट्रिप इंश्योरेंस में सालभर की यात्रा कवर होती है।


ट्रैवल इंश्योरेंस के प्रीमियम पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि किस देश में यात्रा कर रहे हैं इसपर ट्रैवल इंश्योरेंस के प्रीमियम निर्भर करते है, साथ ही आप कितनी अवधि के लिए यात्रा कर रहे हैं इसपर प्रीमियम निर्भर करता है। सब-लिमिट के साथ कुछ सस्ते इंश्योरेंस विकल्प भी है। देश में ट्रैवल के लिए मेडिकल खर्च कवर जरूरी नहीं। हेल्थ इंश्योरेंस है तो भारत में यात्रा पर मेडिकल कवर मिलता है। सामान खोने या फ्लाइट में देरी के लिए इंश्योरेंस ले सकते हैं।