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योर मनीः कैसे करें सही इंश्योरेंस प्लान का चुनाव

प्रकाशित Wed, 17, 2018 पर 14:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी का मकसद है आपकी फाइनेंशियल सेहत की रखवाली करना और इसी कड़ी में हम आपके इंश्योरेंस से जुड़ी तमाम उलझनों को सुलझाएंगे। इंश्योरेंस लेते वक्त किन किन बातों का ख्याल रखें, इंश्योरेस प्लान चुनने में कैसे बरतें सावधानी और कौन सा प्लान आपके लिए होगा फायदेमंद साबित, ये सब होंगे आज के फोकस प्वाइंट्स, और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है एल जे बिजनेस स्कूल की सीईओ, पूनम रूंगटा।


सवालः एजेंट के जरिए टर्म इंश्योरेंस लिया था। 50 लाख का कवर है जिसमें पॉलिसी टर्म 30 साल की है। एजेंट ने कहा कि कंपनी मेडिकल टेस्ट कराएगी, लेकिन कंपनी ने पेमेंट के बाद मेडिकल टेस्ट नहीं कराया। केवल फोन पर हेल्थ की जानकारी लेकर पॉलिसी इश्यू कर दी गई। क्या पॉलिसी में कोई दिक्कत आ सकती है?


पूनम रूंगटाः बिना मेडिकल टेस्ट के टर्म इंश्योरेंस नहीं लेना चाहिए। टर्म इंश्योरेंस के लिए मेडिकल जांच अहम होता है। मेडिकल जांच के आधार पर पॉलिसी रिजेक्ट हो सकती है। मेडिकल जांच के बाद प्रीमियम बदल भी सकता है। जानकारी क्लेम रिजेक्ट होने का कारण बन सकती है। एचडीएफसी क्लिक टू प्रोटेक्ट 3डी प्लस ऑनलाइन टर्म प्लान है। इसमें डेथ, डिसेबिलिटी और डिजीज में फाइनेंशियल सुरक्षा मिलती है। पॉलिसी में 9 प्लान के विकल्प भी है।


सवालः आईसीआईसीआई प्रु. लाइफ टाइम क्लासिक पॉलिसी में सालाना प्रीमियम 1 लाख रुपये की पॉलिसी है। 10-15 साल के लिए पॉलिसी रखनी है। क्या ये सही है?


पूनम रूंगटाः आईसीआईसीआई प्रु. लाइफ टाइम क्लासिक पॉलिसी यूलिप प्लान है। यूलिप प्लान में इंश्योरेंस और निवेश एक साथ होता है। पॉलिसी में रिस्क कवर बहुत अच्छे नहीं है। निवेश और इंश्योरेंस के बेहतर विकल्प मौजूद है।