योर मनीः कैसे करें गंभीर बीमारियों के जोखिम से बचाव -
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योर मनीः कैसे करें गंभीर बीमारियों के जोखिम से बचाव

प्रकाशित Sat, 09, 2016 पर 14:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश में डायबिटीज की बीमारी इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब भारत में हर पाँच लोग में से एक को डायबिटीज है। पिछले 15 साल में भारत में मरीजों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि 2040 तक 12.5 करोड़ भारतीय इस खतरनाक बीमारी के शिकंजे में आ जाएंगे। दुनिया के सामने डायबिटीज कितनी बड़ी चुनौती है इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि 2030 तक डायबिटीज सातवीं सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बन जाएगी।


तो आइए हम फोकस करेंगें डायबिटीज और इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों पर और इसपर अधिक जानकारी लेंगे ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मठपाल और बजाज कैपिटल इंश्योरेंस ब्रोकिंग के नरेंद्र आनंद से। साथ जानेंगे डायबिटीज और इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए कैसे रहें तैयार और हैल्थ इंश्योरंस के क्या हैं फायदें।


क्या है डायबिटीज

लंबे समय तक खून में ग्लूकोज की ज्यादा मात्रा होना डायबिटीज है। डायबिटीज होने पर इंसुलिन से खून में ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित होती है।  इंसुलिन की कमी से खून में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा होती है।


भारत: डायबिटीज की राजधानी

15 साल में डायबिटीज मरीज दोगुने हुए है। भारत में साल 2013 में 6.5 करोड़ और साल 2015 में 6.9 करोड़ मरीज थे। आगे ये आंकड़ा बढ़कर 12.5 करोड़ तक होगा ऐसा लगता है।


कैसे करें डायबिटीज से मुकाबला

कई कंपनियां डायबिटीज के लिए पॉलिसी देती है। कुछ पॉसिसी में एकमुश्त फायदा मिल सकता है। बाकी पॉलिसी में कैशलेस इलाज या खर्च का भुगतान किया जाता है। डायबिटीज के लिए आईसीआईसीआई प्रू डायबिटीज केयर, स्टार हेल्थ डायबिटीज सेफ, अपोलो म्यूनिख-अपोलो एनर्जी, रेलिगेयर केयर फ्रीडम जैसी पॉलिसीज मौजूद है।  


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