योर मनीः यूलिप में निवेश से कितना होगा फायदा -
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योर मनीः यूलिप में निवेश से कितना होगा फायदा

प्रकाशित Fri, 15, 2016 पर 12:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस में निवेश ना करें, ये बात हम लगातार आपको समझाते आए हैं। ऐसा आपको इसलिए नहीं कहा जाता की आप इंश्योरेंस से बचें, बल्कि इसलिए ताकि आप सही इंश्योरेंस खरीदें। वायवाइस प्रेसिडेंट विश्वजीत पाराशर से जानेंगे कि यूलिप में निवेश कितना होगा फायदेमंद और साथ ही लेंगे आपके यूलिप से जुड़े तमाम सवाल।


वायवाइस प्रेसिडेंट विश्वजीत पाराशर की राय


यूलिप यानि यूनिट लिंक इंश्योरेंस प्लान है। यूलिप में निवेश के साथ इंश्योरेंस का भी फायदा मिलता है। यूलिप के रिटर्न बाजार से जुड़े होते हैं। यूलिप में प्रीमियम का बाकी हिस्सा इक्विटी और डेट में निवेश होता है। और प्रीमियम का कुछ हिस्सा इंश्योरेंस कवर के लिए रखा जाता है। यूलिप में शुरुआत में ज्यादा चार्ज लगते हैं, इसमें चार्ज समय बढ़ने के साथ घटते जाते हैं। यूलिप में निवेश पर 5 साल का लॉक इन पीरियड होता है। लॉक इन पीरियड के कारण यूलिप से बेहतर रिटर्न मुमकिन है। लॉक इन पीरियड के बाद कोई सरेंडर चार्ज नहीं लगता है।


समय बढ़ने के साथ यूलिप के रिटर्न भी बढ़ते जाते हैं। यूलिप में पूरी अवधि तक निवेश जारी रखने से ज्यादा फायदा मिलता है। यूलिप में प्रीमियम ना भर पाने पर एसबीआई सेविंग अकाउंट बराबर ब्याज मिलता है। निवेशक रिटायरमेंट, वेल्थ क्रिएशन, शिक्षा और हेल्थ बेनेफिट के लिए यूलिप प्लान ले सकते हैं। यूलिप में आईडीबीआई वेल्थइंश्योरेंस फ्यूचर स्टार प्लान, आईसीआईसीआई प्रु स्मार्ट, बिड़ला वेल्थ सिक्योर, भारती एक्सा फ्यूचर इंवेस्ट और एचडीएफसी प्रो ग्रोथ फ्लेक्सी टॉप प्लान है।  


सवालः टर्म प्लान लेना है, कौन सा प्लान लेना चाहिए?


जबावः बेनेफिट, क्लेम सेटलमेंट रेश्यो और लागत को देखकर प्लान लेना चाहिए। अपनी सालाना आय का करीब 20 गुना इंश्योरेंस लिया जा सकता है। आईसीआईसीआई प्रोटेक्ट स्मार्ट, एचडीएफसी क्लिक टू प्रोटेक्ट प्लस और टाटा एआईए आईरक्षा जैसे टर्म प्लान देखे जा सकते हैं।


सवालः मेरी गाड़ी चोरी हो गई है, गाड़ी के लिए इंश्योरेंस कवर लिया था, मेरा एंजेंट क्लेम सेटलमेंट के लिए पैसा मांग रहा है, क्या करें?


जबावः गाड़ी चोरी होने पर तुरंत पुलिस और इंश्योरेंस कंपनी को सूचना देना जरुरी है। साथ ही ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को भी इसकी सूचना दें और सभी जरुरी कागजात जमा कर क्लेम करें। गाड़ी की चाबी इंश्योरेंस कंपनी को देनी पड़ सकती है।  


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