योर मनीः साइबर इंश्योरेंस से मुश्किल होगी आसान -
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योर मनीः साइबर इंश्योरेंस से मुश्किल होगी आसान

प्रकाशित Tue, 06, 2017 पर 18:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में इस बार फोकस है इंश्योरेंस पर। जब इंश्योरेंस की बात आती है तो हम टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस या लाइफ इंश्योरेंस की बात करते हैं, लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं साइबर इंश्योरेंस की।


एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के डायरेक्ट और चीफ फाइनेंशियल प्लानर, निखिल कोठारी का कहना है कि साइबर इंश्योरेंस के कवर के तहत सॉफ्टवेयर, डाटा, सिस्टम और नेटवर्क के नुकसान को शामिल किया गया है। डाटा में शामिल जानकारी के कारण होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है। मालवेयर के कारण होने वाले नुकसान की रिकवरी मुमकिन है। साइबर अटैक के कारण कारोबार को होने वाले नुकसान को कवर किया जा सकता है। साथ ही साइबर इंश्योरेंस में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के नुकसान, साइबर फिरौती और जासूसी के अलावा सिस्टम की मरम्मत और अपडेशन को कवर किया जा सकेगा।


निखिल कोठारी ने बताया कि साइबर इंश्योरेंस के तहत अगर आपने सिक्योरिटी में डाटा नहीं रखा है, तो उसकी भरपाई नहीं की जाएगी। लिहाजा, आपको साइबर इंश्योरेंस लेने से पहले आपको इंश्योरेंस कंपनी के नियम एवं शर्तों को अच्छी तरह से समझने की जरूरत है। इंश्योरेंस कंपनी के नियम एवं शर्तों का पालन करने के बाद कोई नुकसान होता है तो उसको जरूर कवर किया जाएगा। साइबर इंश्योरेंस के तहत इंश्योरेंस कंपनियों के गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है। हालांकि अभी साइबर इंश्योरेंस सिर्फ कंपनियों तक ही सीमित है, लेकिन आगे धीरे-धीरे इसका प्रचलन बढ़ने की उम्मीद है।


निखिल कोठारी के मुताबिक आप एचडीएफसी एर्गो, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, टाटा एआईजी और बजाज आलियांज से साइबर इंश्योरेंस ले सकते हैं। साइबर इंश्योरेंस का प्रीमियम कारोबार के आकार पर तय होता है। इंश्योरेंस कवरेज और जोखिम के आधार पर प्रीमियम तय होता है।