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जोखिम से भरी है जिंदगी, कैसे करें टर्म प्लान का चुनाव

प्रकाशित Fri, 24, 2017 पर 11:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीए ने इंश्योरेंस को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। आईआरडीए की नई गाइडलाइंस के मुताबिक पुरानी पॉलिसी की जानकारी आसानी से मिलेगी और पॉलिसी प्रपोजल फॉर्म देना अब जरूरी होगा। प्रपोजल फॉर्म मिलने से पॉलिसीधारक आसानी से अपना ब्यौरा देख पाएंगे। ग्राहकों को पॉलिसी के अहम फीचर बताने वाला एक दस्तावेज देना होगा। पॉलिसी में दी जाने वाली जानकारी का मानकीकरण जरूरी होगा। पॉलिसी एक्टिवेशन, क्लेम, पैसे निकासी की समय सीमा तय होगी। भुगतान में देरी होने पर बैंक एफडी की दरों से ज्यादा ब्याज देना होगा।


ओए पैसा के उदय धूत का कहना है कि आईआरडीए की नई गाइडलाइंस के साफ होता है कि रेगुलेटर का फोकस सर्विस की क्वालिटी सुधारने पर है। नई गाइडलाइंस से हर ग्राहक को एक नजरिए से देखने को बढ़ावा मिलेगा।


निवेश पर सवाल


बच्चे के लिए भविष्य के लिए निवेश करना है, कौन से चाइल्ड प्लान में निवेश करना बेहतर है?


जवाबः उदय धूत के मुताबिक निवेश से पहले लक्ष्य तय करना जरूरी है और लक्ष्य के लिए निवेश राशि तय करें। चाइल्ड प्लान के बजाए टर्म इंश्योरेंस खरीदना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं, बाकी पैसे से म्युचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करें। लंबी अवधि के लिए म्युचुअल और पीपीएफ में निवेश फायदेमंद हो सकता है।


टर्म प्लान पर सवाल


मेरे रिश्तेदार की सालाना आय 1 लाख रुपये है, लेकिन इंश्योरेंस कंपनियां टर्म प्लान नहीं दे रही हैं, कंपनियों का कहना है कि टर्म इंश्योरेंस के लिए न्यूनतम 3 लाख रुपये होना चाहिए, क्या इसमें आईआरडीए कुछ मदद कर सकती है?


जवाब: उदय धूत का कहना है कि कम आमदनी वालों को भी टर्म इंश्योरेंस मिलना चाहिए। हालांकि कंपनियों को छोटी पॉलिसी देने में फायदा नहीं होता, और इसीलिए इंश्योरेंस कंपनियां कम आय वालों को टर्म इंश्योरेंस नहीं देती हैं। इस परिस्थिति में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपये की पॉलिसी ले सकते हैं।