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इंश्योरेंस क्लेम पर कोर्ट का नया फरमान

प्रकाशित Tue, 10, 2017 पर 18:54  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी का फोकस आज इंश्योरेंस पर है। इंश्योरेंस क्लैम में देरी हो जाने से आपके क्लैम को रिजेक्ट नही किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश इंश्योरेंस कंपनियों के दे दिया है। साथ ही बढती दिल की बीमारी का भारत कैसे सामना कर सकता है, सही इंश्योरेंस से। हम आपको बताएंगें सही पॉलिसी और सेहत से जुडी वो तमाम जरूरी बातें, जिस से आपका दिल रहेगा सेहतमंद। इन मुद्दों पर अपनी राय देने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ हैं सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पूनम रूंगटा


अक्सर इंश्योरेंस क्लैम करने में देरी हो जाने पर इंश्योरेंस कंपनियां क्लैम रिजेक्ट कर दिया करती थी, लेकिन अब ऐसा नही होगा। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब अगर क्लैम करने में देरी हो जाने की वजह वाजिब है तो इंश्योरेंस कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। कोर्ट ने कहा है कि जांच पड़ताल करने पर वाजिब वजह का पता लगाया जाना चाहिए। ये नियम सभी तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी पर लागू होंगे।


अब बात करते हैं आपके सेहत की। दिल के मरीज भारत में सबसे ज्यादा है। उन में 23 फीसदी इलाज के बावजूद भी जीवित नहीं रहते। लिहाजा जरूरी है के आप अपनी सेहत का ख्याल तो रखें ही उस में भी दिल का ख्याल सबसे ज्यादा रखें। आईसीआईसीआई लोंबार्ड के एक सर्वे में कार्डियोलॉजिस्ट्स कम से कम उम्र में हैल्थ इंश्योरेंस लेने की सिफारिश कर रहे हैं।


इस सर्वे में शामिल 64 फीसदी कार्डियोलॉजिस्ट्स के मुताबिक दिल की बीमारी की वजह तनाव है। 68 फीसदी कार्डियोलॉजिस्ट्स मानते हैं दिल की बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। 74 फीसदी के मुताबिक दिल की बीमारी किसी भी बॉडी टाइप को हो सकती है। 100 फीसदी मानते हैं नियमित व्यायाम से दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट्स के मुताबिक 20 से 25 साल की उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना चाहिए। दिल की बीमारी के लिए कम से कम 4.15 लाख का कवर जरूरी है। दिल्ली और मुंबई में दिल की मरीज ज्यादा।


कार्डियोलॉजिस्ट्स की सलाह है कि दिल की बीमारी से बचने के लिए स्ट्रेस से दूर रहें, रोजाना व्यायाम करें, काम में अनुशासन लाएं, पौष्टिक  आहार लें, हेल्थ चेक अप करवाएं, सिगरेट से दूर रहें और 8 घंटे की नींद लें।


हार्ट इंश्योरेंस पॉलिसी की बात करें मैक्स बुपा का हार्टबीट दिल से जुड़ी बीमारी कवर करता है। मैक्स बुपा रे क्रिटीकेयर में भी दिल से जुड़ी बीमारियों को कवर किया जाता है। वहीं, स्टार कार्डिएक केयर में दिल की बीमारी और सर्जरी का कवर मिलता है। जबकि, पीएनबी मेटलाइफ का मेरा हार्ट और कैंसर केयर पॉलिसी दिस की बीमारियों के कवर करता है, इस पॉलिसी में महिलाओं के लिए खास फीचर्स हैं।