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योर मनीः इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग से कैसे बचें

प्रकाशित Wed, 25, 2017 पर 14:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरेंस आपको जीवन में होने वाली अनहोनी को वित्तीय रूप से बचाता है। वहीं, गलत इंश्योरेंस आपके फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए काफी हानिकारक भी साबित हो सकता है। कैसे होती है इंश्योरेंस में मिस सेलिंग, आज योर मनी आपको बताएगा। इस हमारे साथ है रूंगटा सिक्योरिटीज के डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा।


हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि ज्यादा कमीशन के लिए गलत प्रोडक्ट बेचना यह इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग है। इंश्योरेंस के नाम पर निवेश वाली पॉलिसी बेचना और लोन के साथ इंश्योरेंस को बेचना यह मिस-सेलिंग का हिस्सा है। वहीं एजेंट की पॉलिसी फॉर्म में गलत या अधूरी जानकारी भरना। एजेंट का पुरानी बीमारियों के बारें में नहीं बताने के लिए इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से दबाव होता है। आप के नाम पर किसी और का मेडिकल टेस्ट कराना।


हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक मिस-सेलिंग से बचने के लिए पॉलिसी फॉर्म को अच्छी तरह से पढ़ें और पॉलिसी फॉर्म को ध्यान से भरें। पॉलिसी फॉर्म में अधूरी या गलत जानकारी ना दें और उस पॉलिसी फॉर्म की एक कॉपी अपने पास रखें।


सवालः 5 साल के लिए सिग्ना टीटीके का हेल्थ इंश्योरेंस खरीदा है, क्या चुना हुआ प्लान सही है?


हर्षवर्धन रूंगटाः सिग्ना टीटीके का हेल्थ इंश्योरेंस अच्छा है। हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हुए सब लिमिट, वेटिंग पीरियड ध्यान में रखें और सोच-समझकर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें। पॉलिसी के फीचर्स पढ़ कर ही इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी चाहिए।


सवालः 2011 में एलआईसी जीवन आनंद और जीवन सरल पॉलिसी ली थी, अभी तक प्रीमियम की 4 किश्त भरी हैं, क्या पॉलिसी में बने रहें या सरेंडर कर दें?


हर्षवर्धन रूंगटाः सिर्फ 4 किश्त भरी हैं इसलिए पॉलिसी अभी लेप्स हो गई है। आपके पास पॉलिसी में बने रहने या सरेंडर करने का विकल्प है। पॉलिसी में बने रहे तो टर्म खत्म होने पर पैड अप वैल्यू मिलेगी। पॉलिसी अभी सरेंडर करते हैं तो सरेंडर वैल्यू मिलेगी। सालाना आय के 10-15 गुना बराबर टर्म प्लान खरीदें।