एफडी की दरों में कटौती, अब पैसा लगाएं या बचें -
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एफडी की दरों में कटौती, अब पैसा लगाएं या बचें

प्रकाशित Fri, 18, 2016 पर 17:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी का असर अब आपके निवेश पर भी दिखने लगा है। बाजारों पर तो इसका असर है ही बैंकों ने भी डिपॉजिट की दरों में कटौती शुरू कर दी है। एसबीआई ने चुनिंदा डिपॉजिट दरें 0.15 फीसदी घटाई हैं। वहीं बल्क डिपॉजिट की दरों में चौथाई फीसदी कटौती की है, आगे रिजर्व बैंक ब्याज दरों में और कटौती कर सकता है। जिससे डिपॉजिट के रेट और घट सकते हैं, ऐसे में निवेशकों को एफडी कराना चाहिए या नहीं। योर मनी में आज इसी पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ है एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के गजेंद्र कोठारी।


गजेंद्र कोठारी का कहना है कि सरकार के नोटबंदी का फैसला एकाएक लिया गया था। जिसके बाद भारत के बैंकों में एक साथ पैसे जमा होने शुरु हो गए है। जो कि पैसे हाउस होल्ड के रुप में घरों में रखा जाता था वह अब बैंकों में रखा जा रहा है। जैसे कि कोई भी एसेट क्लास हो जो प्राइस या रेट होती है वह डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करती है लेकिन अचानक सप्लाई आने से बैंकों में काफी लिक्विडिटी आ गई है जिसके कारण बैंकों को बैंको को मौजूदा समय में नए डिपॉजिट्स की जरुरत नहीं है।


जिसके चलते बैंक डिपॉजिट के रेट में और भी  कमी कर सकता है। क्योंकि अगर बैंक ज्यादा डिपॉजिट ज्यादा लेती है और उसे लैड नहीं कर पाती तो वह बैंक के लिए फायदेमंद सौदा नहीं होता है।  जिसके चलते आनेवाले समय में डिपॉजिट दरों में और भी कमी के आसार है और लोन की दरें भी कम होनी की उम्मीद है।


गजेंद्र कोठारी के मुताबिक अगर आप फिक्सड डिपॉजिट कंस्ट्रमर है और आपको किसी तरह का कोई जोखिम नहीं चाहिए तो आप तो अभी एफडी कर सकते है। आप बैंक डिपॉजिट, या कंपनी डिपॉजिट या सरकार की फिक्स रिटर्न डिपॉजिट्स में भी रिटर्न लौकिंग कर सकते है।


जिन लोगों ने अब तक कुछ तय नहीं किया है उन्हें बैंक फिक्स डिपॉजिट जरुर करनी चाहिए। बेहतर रिटर्न के लिहाज से एफडी की बजाय डेट फंड में निवेश करना होगा। डेट फंड में इंडेक्सेशन का फायदा मिलता है। आप यूटीआई शॉर्ट टर्म इनकम फंड, डीएसपी ब्लैक रॉक फंड, आईडीएफसी डायनमिक डेट फंड अच्छे डेट फंड है। जिनमें निवेश किया जा सकता है।