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पहला कदमः कौन से म्युचुअल फंड्स में करें निवेश

प्रकाशित Sat, 31, 2016 पर 15:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहला कदम सीजन 2 में इस बार हम बात कर रहे हैं म्चुयुअल फंड्स के बारे में। हम इस पर विस्तार से बात करने वाले हैं। हम बात कर रहे हैं अलग-अलग तरह के म्युचुअल फंड्स की। कौन से निवेशकों के लिए किस तरह का म्युचुअल फंड फायदेमंद हो सकता है हम इसी पर बात करेंगे।


म्युचुअल फंड के जरिए इक्विटी और डेट फंड में पैसे लगाते हैं। सबसे पहले बात करते हैं, डायनामिक इक्विटी ओरिएंटेड फंड के बारे में। डायनामिक इक्विटी म्युचुअल फंड में टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है। वहीं 1 साल तक डायानमिक इक्विटी फंड में पैसा रखने पर टैक्स नहीं देना होगा, और 1 साल से पहले पैसा निकालने पर 15 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा। डायनामिक फंड में कम से कम 65 फीसदी इक्विटी में निवेश होता है।


65 फीसदी शेयरों में निवेश करने वाला फंड इक्विटी फंड माना जाता है। इक्विटी फंड्स में डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स नहीं लगता है। डायनामिक इक्विटी फंड में सीधे निवेश करना आसान है। डायनामिक फंड्स अपने फंड मैनेजर को अनुशासित रखते हैं। लिहाजा कम रिस्क लेने वालों के लिए डायनामिक फंड्स में निवेश सही है। डायनामिक फंड्स में डेट पर लगने वाला बड़ा टैक्स बच जाता है। इक्विटी और डेट दोनों में टैक्स बेनिफिट के लिए ये फंड्स बेहतर हैं। 1 साल से ज्यादा के निवेश के लिए डायनामिक इक्विटी फंड एक अच्छा विकल्प है।


अब बात करते हैं क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड के बारे में। डेट फंड्स को क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड्स बोलते हैं। ये फंड कॉर्पोरेट डिबेंचर्स में पैसा लगाते हैं और ये फंड कंपनियों को कर्ज देते हैं। ये फंड कंपनियों को ज्यादा ब्याज पर कर्ज देते हैं। क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड्स में ज्यादा जोखिम-ज्यादा फायदा है। दरअसल कई बार कंपनियां कर्ज नहीं चुका पातीं, ऐसे में क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड्स में डिफॉल्ट का खतरा दूसरे फंड्स के मुकाबले ज्यादा होता है।


फिक्स्ड डिपॉजिट के मुकाबले डेट ओरिएंटेड फंड में ज्यादा रिटर्न मुमकिन है। 3 साल तक डेट ओरिएंटिड फंड में निवेश पर टैक्स बेनिफिट भी मिलता है। जोखिम ले सकने वालों के लिए क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड बेहतर है। रिस्क लेने वालों के लिए इक्विटी डेट से बेहतर है। बाजार नीचे जाने पर क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड्स में पैसा लगाना चाहिए। अपने पोर्टफोलियों में डेट फंड को भी शामिल करना चाहिए। क्रेडिट अपॉर्च्युनिटी फंड्स के लिए सोच समझकर फंड मैनेजर चुनें। वहीं कम रिस्क लेने वालों के लिए डायनामिक इक्विटी फंड सही है, लेकिन रिस्क ना लेने वालों के लिए डेट फंड्स बेहतर हैं।