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पहला कदमः ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी

प्रकाशित Sat, 05, 2016 पर 16:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी आवाज़ की फाइनेंशियल लिटरेसी की मुहिम पहला कदम में आपका स्वागत है। पहला कदम के पिछले एपिसोड में हमने चर्चा शुरू की है इंश्योरेंस की। हमें उम्मीद है कि इंश्योरेंस से जुड़ी तमाम जानकारियां आपको मिल गई होंगी। फिर भी अगर आपके जेहन में कोई सवाल है तो आप हमें लिख सकते हैं सीएनबीसी आवाज के फेसबुक पेज पर या फिर हमारी वेबसाइट pehlakadam.in पर। आप एसएमएस के जरिए भी अपना संदेश हम तक पहुंचा सकते हैं। ना केवल इंश्योरेंस बल्कि निवेश से जुड़ा कोई भी सवाल आप हम तक पहुंचा सकते हैं।


चलिए आज बात करते हैं इंश्योरेंस से ही जुड़े एक नए टॉपिक पर। आज का हमारा टॉपिक है ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसीज। ये पॉलिसी कितनी तरह की होती है, ये कैसे काम करती हैं और इनके आपको क्या फायदे हो सकते हैं। इस पर चर्चा करने के लिए एक्सपर्ट के तौर पर हमारे साथ हैं सीएनबीसी आवाज के मार्केट एडिटर अनिल सिंघवी।


ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी
ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी में इंश्योरेंस पीरियड खत्म होने पर भुगतान होता है। बीमाधारक की मृत्यु होने से पहले पॉलिसी खत्म होने पर पेआउट दिया जाता है और प्रीमियम से थोड़ा ज्यादा भुगतान धारक को मिलता है।


एंडोमेंट पॉलिसीज क्या है?
ये सबसे लोकप्रिय ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी में से एक है और इसमें इंश्योरेंस के साथ साथ सेविंग्स का पहलू भी शामिल है। हालांकि इसमें रिस्क कवर कम होता है क्योंकि प्रीमियम का ज्यादा बड़ा हिस्सा सेविंग्स में जाता है। सेविंग पर बीमाधारक को कुछ आय भी होती है और पॉलिसी जारी रहने के दौरान बीमाधारक की मृत्यु होने पर उनके वारिसों को बीमा भुगतान होगा। इसमें रिटर्न कम आते हैं और रिटर्न इतने कम होते हैं कि महंगाई की भरपाई भी नहीं होती। अब एंडोमेंट की लोकप्रियता कम हो रही है क्योंकि इनमें रिटर्न और रिस्क कवर दोनों ही कम होते हैं।


एंडोमेंट पॉलिसी दो तरह की होती हैं
1. पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट पॉलिसी
2. नॉन-पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट पॉलिसी


1. पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट पॉलिसी
पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट पॉलिसी में बोनस मिलता है और पार्टिसिपेटिंग पॉलिसी में प्रीमियम थोड़ा ज्यादा होता है।


2. नॉन पार्टिसिपेटिंग एंडोमेंट पॉलिसी
इसमें तय रकम मिलती है और पहले से भुगतान की रकम तय होती है। इसमें रिस्क कवर भी मिलता है और एंडोमेंट पॉलिसी में रिटर्न नॉमिनल होता है। इसमें एफडी से कम रिटर्न मिलता है। इसमें एक निश्चित अवधि तक प्रीमियम पर पूरी जिंदगी तक इंश्योरेंस हो सकता है। 80-85 साल उम्र में बीमाधारक को भुगतान किया जा सकता है। बीमाधारक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को भुगतान होगा और कम उम्र तक का भी इंश्योरेंस किया जा सकता है।


मनीबैक पॉलिसी क्या है?
मनीबैक पॉलिसी में एक निश्चित अंतराल पर पैसा मिलता है और पॉलिसी खत्म होने पर एक तय रकम का भुगतान होता है। मनीबैक पॉलिसी में 4-5 किश्तों में पैसा मिलता है और मनीबैक में मिले पैसे को निवेश करके टैक्स बचाया जा सकता है। मनीबैक पॉलिसी फाइनेंशियल प्लानिंग के लिहाज से बेहतर होती है और इसमें रिटर्न कम रहते हैं क्योंकि प्रीमियम का कुछ हिस्सा रिस्क कवर में और बड़ा हिस्सा निवेश में जाता है। मनीबैक पॉलिसी में पॉलिसी का खर्च ज्यादा होने से रिटर्न कम आते हैं।


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