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पहला कदमः नोटबंदी पर चर्चा, कैशलेस की ओर कदम

प्रकाशित Sat, 03, 2016 पर 15:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहला कदम सीजन 2 शुरू हो गया है। पहला कदम के सीजन 2 में अपने जेहन में उठ रहे सवालों को आप फेसबुक, ट्विटर के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं। 8 नवंबर की रात 8 बजे से पूरे देश में सिर्फ एक ही बात की चर्चा हो रही है - 500 और 1000 की नोटबंदी। नोटबंदी तो हो गई लेकिन आप, हम और आपके पूरे बचत के अलावा निवेश और पोर्टफोलियो पर, आपके जीने के तौर-तरीकों पर क्या कुछ असर पड़ेगा? इस बदले हुए माहौल में आप कैसे अपने आप को संभालें, इन्हीं तमाम मुद्दों पर सीएनबीसी-आवाज की फाइनेंशियल लिटरेसी की मुहिम के इस चरण में इस बार बात कर रहे हैं।


जानकारों का कहना है कि नोटबंदी से देश में बड़ा बदलाव हुआ है। देश कैश से कैशलेस की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहा है। डिजिटाइजेशन से हर सेक्टर को फायदा होगा। नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। खासकर पिछले सोने को लेकर कई आशंकाएं सबके मन में उठी हैं। लिहाजा पहला कदम में शामिल टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि सोना खरीदने के बाद बिल संभालकर रखना जरूरी है, इससे इनकम टैक्स विभाग के सवालों का जवाब देने में काफी आसानी होगी। लिहाजा सोना खरीदते समय बिल लेना जरूरी है। यही नहीं सोना खरीदते वक्त थोड़ी सावधानी भी बरतनी चाहिए।


वहीं जानकारों ने ये भी कहा कि नोटबंदी के बाद मार्केट लिंक प्रोडक्ट में निवेश करने पर फोकस करें। डेट फंड में निवेश रेगुलर इनकम मिलती है और इक्विटी के जरिए कंपनी में हिस्सेदार बन सकते हैं। साथ ही नोटबंदी से कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं तो फिर तमाम ऐप्स हैं जिनसे आसानी से पेमेंट कर सकते हैं। इन ऐप्स का 24/7 इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में मौजूद ऐप्स में सिक्योरिटी की कड़ी व्यवस्था है।


जानकारों का मानना है कि नोटबंदी से ग्रोथ में कमी देखने को मिल सकती है, ऐसे में लंबी अवधि के लिए निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश फायदेमंद साबित हो सकता है। लक्ष्य के मुताबिक निवेश की प्लानिंग करें। प्रत्यक्ष तौर पर सोने में निवेश करने की बजाय गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। गोल्ड में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं।