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छोटी बचत योजनाओं पर कैंची, जाने दूसरे निवेश विकल्प

प्रकाशित Tue, 04, 2017 पर 19:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपके पारंपरिक निवेश यानी छोटी बचत योजनाओं के ब्याज पर लगातार कैंची चलती जा रही है। लेकिन अगर आप एक जागरूक निवेशक हैं और अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो का रखते हैं पूरा ख्याल तो इस ब्याज की कटौती से आपको घबराने की जरूरत नहीं। योर मनी आपको कम जोखिम वाले निवेश के तमाम विकल्प आज बताएगा। साथ ही कैसी आपकी लव लाइफ पर जीएसटी का क्या पड़ रहा है असर इससे भी आपको कराएंगे वाकिफ। आपके निवेश पर सलाह देने के लिए आज हमारे साथ हैं सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पूनम रूंगटा


छोटी बचत योजनाओं के ब्याज पर लगातार कैंची चल रही है। एक बार फिर इस तरह की योजनाओं पर ब्याज घटा दिया गया है। 1 जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 0.7 फीसदी तक कम कर दी गई हैं। छोटी बचत पर घटते ब्याज की बात करें तो पीपीएप पर ब्याज 8 फीसदी से घटा कर 7.8 फीसदी, किसान विकास पत्र पर 7.7 फीसदी से घटा कर 7.5 फीसदी, सीनियर सिटिजन स्कीम पर 8.5 फीसदी से घटाकर 8.3 फीसदी, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर 8.5 फीसदी से घटाकर 7.8 फीसदी, सुकन्या समृद्धि स्कीम पर 8.5 फीसदी से घटाकर 8.3 फीसदी और आरडी पर 7.3 फीसदी से घटा कर  7.1 फीसदी कर दिया गया है।


ऐसे में आपके पास निवेश के दूसरे विकल्प हैं। कम जोखिम के लिए ईएलएसएस में निवेश जारी रखें। पीएफएफ में भी निवेश जारी रखने की सलाह होगी। आप डेट फंड में भी निवेश कर सकते हैं।


जीएसटी आने के बाद कहां-कहां और क्या-क्या महंगा हुआ है, वो तो हमने बता दिया लेकिन अब आपकी डेटिंग लाइप पर भी जीएसटी का असर हो सकता है, खासकर सर्विस रेट 18 फीसदी तक बढ़ जाने की वजह से आपके घुमने-फिरने, खाने-पीने का खर्च बढ जाएगा।


जीएसटी के बाद डिनर पर ले जाना महंगा हुआ है। नॉन एसी रेस्टारेंट पर 12 फीसदी, एसी  रेस्टारेंट पर 18 फीसदी और 5 स्टार पर 28 फीसदी जीएसटी तय किया गया है। ऐसे में आपको सलाह होगी कि बजट होटल का चुनाव करें क्योंकि 1000 रुपये से कम के होटल पर टैक्स नहीं है जबकि 1000- 2500 रुपये पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा।


आपको शॉर्ट ट्रिप या वीकेंड ट्रिप पर कहीं जाना है तो बता दें कि इकोनॉमी क्लास की हवाई टिकट सस्ती हुई है। इकोनॉमी क्लास पर टैक्स 6 फीसदी से घटकर 5 फीसदी कर दिया गया है जबकि बिजनेस क्लास पर टैक्स 9 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी कर दिया गया है। वहीं कैब बुकिंग सस्ती हो गई है क्योंकि इसे 5 फीसदी जीएसटी के दायरे में रखा गया है।