Moneycontrol » समाचार » निवेश

निवेश से जुड़ी 10 बुरी आदतें, इनसे जल्द हो जाएं बरी

प्रकाशित Wed, 12, 2016 पर 13:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बुराई पर अच्छाई की जीत। दशहरे के त्योहार में रावन को जलाना इस बात का प्रतीक है के हम अपने जीवन में तमाम बुराईयों का खातमा करके एक खुशहाल जिंदगी जी सकते हैं। उसी तरह अपने निवेश में भी अगर हम बुरी आदतों से भी छुटकारा पा लें तो ना सिर्फ आपका निवेश सही होगा बल्कि आपके सारे लक्ष्य भी पूरे होंगें। योर मनी पर यहां आपको उन 10 आदतों के बारें में बता रहे हैं जिनसे आपको तुरंत बरी हो जाना है, और इसमें साथ दे रहे हैं फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या और वाइस इनवेस्ट एडवाइजर के हेमंत रूस्तगी।


निवेश से जुड़ी पहली बुरी आदत है घर का बजट ना बनाना। सबसे पहले आप अपनी इस बुरी आदत का दहन करते हुए बजट बनाना शुरु करें। बजट से खर्च की प्राथमिकता तय होती है और खर्च काबू में रहता है।


दूसरी बुरी आदत है कर्ज की प्लानिंग ना करना।  किसी के लिए भी कर्ज की प्लानिंग करनी बहुत जरूरी होता है। आय और खर्च को देख कर कर्ज की प्लानिंग करें। जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचें। बता दें कि ज्यादा कर्ज से बाकी खर्चों के लिए पैसे नहीं बचते।


इंश्योरेंस प्रोडक्ट में निवेश भी  निवेश के नजरिए से अच्छा नहीं  होता। जोखिम से सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस खरीदना जरूरी होता है। लेकिन निवेश और इंश्योरेंस को अलग-अलग रखें।


टैक्ट छूट के लिए आखिरी समय पर निवेश करना अच्छी आदत नहीं है। साल शुरू होते ही टैक्स की प्लानिंग करें। सही टैक्स प्लानिंग आर्थिक लक्ष्यों के लिए जरूरी है। टैक्स छूट के लिए साल की शुरुआत से ही निवेश करें। बता दें कि जल्दी निवेश करने से ज्यादा टैक्स बच सकता है।


निवेश से भावनात्मक जुड़ाव भी अच्छा नहीं होता। निवेश के वक्त भावनाओं में ना बहें। आर्थिक फैसलों को सोच-समझकर करना जरूरी होता है। भावनाओं में बहकर निवेश के फैसले ना लें।


नए विकल्पों में निवेश ना करना भी अच्छी आदत नहीं है। बेहतर रिटर्न के लिए नए विकल्पों में निवेश करें। निवेश के पुराने तरीकों से महंगाई से निपटना मुश्किल होता है। महंगाई से निपटने के लिए इक्विटी फंड में निवेश करें।


बिना प्लानिंग के निवेश एक और बुरी आदत है जिससे छुटकारा पा लें। निवेश की प्लानिंग करें क्योंकि आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निवेश की प्लानिंग जरूरी होती है।


निवेश की बार-बार समीक्षा भी अच्छी आदत नहीं है। बार-बार निवेश की समीक्षा ना करें। निवेश के अपने फैसले पर भरोसा करना जरूरी होता है। वहीं निवेश के फैसले को टालना भी अच्छा नहीं होता। जल्द निवेश से ज्यादा फायदा मिलता है। इस लिए निवेश की शुरुआत जल्द से जल्द करें। जल्द निवेश शुरू करने से ज्यादा फायदा मिलता है।


थोड़े फायदे के लिए बड़े लक्ष्य कुर्बान करना करना एक और और बड़ी बुरी आदत है। इस लिए लालच में ना आएं, अपने आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से निवेश करें। छोटी अवधि के फायदे को देख लालच में ना आएं, लंबी अवधि के लक्ष्यों को ध्यान में रखें।