Moneycontrol » समाचार » निवेश

योर मनीः ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के 5 बड़े फायदे

प्रकाशित Tue, 19, 2016 पर 15:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी आपको ना सिर्फ निवेश की सलाह देता है, बल्कि आपको आर्थिक रूप से आजाद बनाने की भी कोशिश करता है। हम आपको निवेश से जुड़े तमाम सवालों के जवाब तो देंगे ही साथ ही जानेंगे ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के 5 बड़े फायदे। तो आइए जानते हैं रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा से।


ऑनलाइन लेन देन के फायदे


1) सहूलियत -
ऑनलाइन लेन देन आपको जगह, समय की सहूलियत से ट्रांजैक्शन करने की सहूलियत देता है। शॉपिंग, इंवेस्टमेंट, बिल्स पेमेंट सभी ऑनलाइन किए जा सकते हैं।


2) समय की बचत -
फोन पर या कंप्यूटर पर ऑनलाइन एनईएफटी या आरटीजीएस की सुविधा होने की वजह से बैंक जाने की जरूरत नहीं होती है।


3) हर लेन देन का हिसाब -
ऑनलाइन आपके तमाम गतिविधि का ट्रॅक रखा जाता है। आपने किस तारिख पर किस समय क्या लेन देन किया है, उसका रिकॉर्ड मौजूद होता है।


4) ऑनलाइन पर विकल्प
ऑनलाइन लेने देन करने पर आपको कई तरह के विकल्प भी दिए जाते हैं, जहां आप प्रोडक्ट या सर्विंस की तुलना करके ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।


5) शिकायत दर्ज करवा सकते हैं -
चाहे आप बैंक का लेन देन करें या शॉपिंग, किसी भी गडबडी के लिए आप शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।


निवेश से जुड़े तमाम सवालों के जवाब


सवालः मेरी उम्र 34 साल है और मासिक आय 45000 रुपये है। मैं हर महीने 3000 रुपये से 5000 रुपये की एसआईपी करता हूं। 10 साल में 10 लाख रुपये चाहिए, ग्रोथ फंड के लिए सलाह दें? साथ ही एमएफ में डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट सही है या नहीं बताएं?


हर्षवर्धन रूंगटाः आपको आपना लक्ष्य पूरा करने के लिए माह 4000-5000 रुपये का निवेश करना होगा। आपको अपने पोर्टफोलियो में 3 से ज्यादा फंड नहीं रखने चाहिए। आईसीआईसीआई फोकस ब्लूचिप फंड, यूटीआई मिडकैप फंड और फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा प्लस फंड आप देख सकते हैं। आपको आईसीआईसीआई फोकस ब्लूचिप फंड, यूटीआई मिडकैप फंड में 30-30 फीसदी और फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा में 60 फीसदी निवेश करना चाहिए। डायरेक्ट स्कीम में निवेश से ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। इसमें फंड को अपने आप मैनेज करना होगा। म्यूचुअल फंड एडवाइजर की सलाह नहीं मिलेगी।


सवालः मेरी उम्र 25 साल है और आय सालाना 3.5 लाख रुपये है। पोर्टफोलियो बनाना है, निवेश के लिए सलाह दें।


हर्षवर्धन रूंगटाः निवेश के लिए आय का 20 फीसदी अलग रखें और सबसे पहले इंश्योरेंस खरीदें। एक्सिडेंट डिसेबिलिटी कवर या क्रिटिकल इलनेस कवर में से चुनें। 1 करोड़ रुपये के लाइफ इंश्योरेंस के लिए सालाना 8000 रुपये का निवेश करें और बाकी की रकम से इमरजेंसी फंड बनाएं। साथ ही रिटायरमेंट के लिए भी जरूर निवेश करें।


वीडियो देखें