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योर मनीः अक्षय तृतीया पर गोल्डन निवेश

प्रकाशित Thu, 27, 2017 पर 19:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मौका है अक्षय तृतीया का, ऐसे में समय है शुभ खरीदारी करने का। आपको योर मनी में हम बताएंगे कि सोने में निवेश करने का तरीका। इसके साथ ही अक्षय तृतीया के मौके पर सोने में निवेश करना है तो कौन सा सबसे सही जरिया है, ये भी बताएंगे।


सोने में निवेश के कई फायदे हैं। सोना सुरक्षित निवेश का अच्छा जरिया है और इसमें निवेश से मंहगाई से मुकाबला करने में भी आसानी होती है। आपातकाल की स्थिति में पैसे की जरूरत पड़ने पर सोने का उपयोगी साबित होता है। यही नहीं सोना पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन में भी उपयोगी होता है।


गोल्ड ज्वेलरी, सोने में निवेश का सबसे लोकप्रिय जरिया है। हालांकि गोल्ड ज्वेलरी में मेकिंग चार्ज काफी ज्यादा होता है और ज्वेलरी बेचना हो तो बाजार भाव से नीचे बिकती है। गोल्ड ज्वेलरी सुरक्षित रखने के लिए भी खर्च लगता है।


यहां गोल्ड ईटीएफ की भी बात कर लेते हैं। गोल्ड ईटीएफ म्युचुअल फंड जैसा होता है और इसमें ईटीएफ निवेशकों की तरफ से सोने में निवेश करता है। निवेश को गोल्ड ईटीएफ की यूनिट मिलती हैं। गोल्ड ईटीएफ यूनिट को एक्सचेंज में खरीदा-बेचा जा सकता है। गोल्ड ईटीएफ के लिए ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट जरूरी है। गोल्ड ईटीएफ में ब्रोकरेज और फंड मैनेजमेंट चार्ज लगता है। गोल्ड ईटीएफ से मिले मुनाफे पर टैक्स लगता है।


वहीं, जान लेते हैं कि क्या होता है गोल्ड फंड। गोल्ड फंड में फंड निवेशकों की तरफ से सोने में निवेश करता है। गोल्ड फंड में एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं। गोल्ड फंड में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी नहीं है।


अब ये भी जान लें कि क्या है गोल्ड बॉन्ड, ये सरकार की ओर से आरबीआई जारी करता है। जीएस एक्ट, 2006 के तहत गोल्ड बॉन्ड जारी होता है। गोल्ड बॉन्ड में सिर्फ भारतीय निवेशकों को निवेश की सुविधा है। गोल्ड बॉन्ड में 1 ग्राम सोने में निवेश की सुविधा है, जबकि सालाना 500 ग्राम सोने में निवेश कर सकते हैं।


गोल्ड बॉन्ड को डीमैट फॉर्म में रखने की सुविधा है। गोल्ड बॉन्ड को पोस्ट ऑफिस और बैंक से भी खरीद सकते हैं। एनएसई और बीएसई से भी गोल्ड बॉन्ड खरीदने का विकल्प मौजूद है। गोल्ड बॉन्ड में कोई एक्स्ट्रा या हिडन चार्ज नहीं है और इसमें सोने की शुद्धता की परेशानी नहीं है। गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों को सालाना 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलेगा। हर छमाही में निवेशक को ब्याज मिलता है। गोल्ड बॉन्ड को गिरवी रखकर बैंक से लोन भी ले सकते हैं।


एक्सचेंज पर गोल्ड बॉन्ड की ट्रेडिंग भी होती है। गोल्ड बॉन्ड में भुगतान के लिए नकद 20,000 रुपये और बाकी ड्राफ्ट से देना होगा। गोल्ड बॉन्ड में निवेश से निकलने के बाद कैपिटल गैन टैक्स नहीं लगता है। हालांकि गोल्ड बॉन्ड में 8 साल के लिए निवेश करना जरूरी है, लेकिन 5 साल के बाद निवेश से निकलने का विकल्प मौजूद है।


गोल्ड बॉन्ड के इश्यू प्राइस में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जा रही है। गोल्ड बॉन्ड 28 अप्रैल तक खुला है। गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस इंडियन बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के भाव से तय होगा। गोल्ड बॉन्ड में आवेदन करने वालों को 12 मई को बॉन्ड जारी होगा। गोल्ड बॉन्ड में 24 कैरेट सोने में निवेश की सहूलियत मिलती है।