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योर मनीः छंटनी के बाद भी कैसे रहें टेंशन फ्री

प्रकाशित Sat, 20, 2017 पर 17:31  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एक्जिक्यूटिव सर्च फर्म हेड हंटर्स के मुताबिक आनेवाले 3 सालों में आईटी सेक्टर में 1.5 से 2 लाख नौकरियां जा सकती हैं। आईटी सेक्टर की ये तस्वीर, किसी भी आईटी प्रोफेशनल्स को मुसीबत में डाल सकती है। लेकिन ये बात सिर्फ एक सेक्टर से जुडी नही है, क्या पता आपकी नौकरी कब खतरे में पड़ जाए, और कब आपको बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए।

आज के जॉब मार्केट की, ये ही हकीकत है लेकिन अगर आप पहले से ही इस तरह के हालात के लिए तैयार रहते हैं तो मुश्किल वक्त आसानी से कट सकता है। इन्हीं मुश्किल हालात से निपटने के लिए हम लेकर आए हैं ये खास शो जिसमें छंटनी के चलते अगर नौकरी चली जाए तो कैसे सही प्लानिंग करके आप इस समय भी रह सकते हैं फाइनेंशियली स्टेबल। तो आइए जानते हैं फाइनेंशियल प्लानर पूनम रूंगटा से छंटनी से निपटने के टिप्स


इमरजेंसी फंड 
मुश्किल वक्त से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड बनाएं। क्योंकि बेरोजगारी के वक्त इमरजेंसी फंड काम आएगा। साथ ही घरेलू खर्च, देनदारियों के लिए भी इमरजेंसी फंड काम आएगा। 3 से 6 महीने के खर्च बराबर इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए और इमरजेंसी के लिए लिक्विड फंड में पैसे जमा करना चाहिए।


बजट
घरेलू खर्च और देनदारियों का बजट बनाएं और बजट में खर्च के साथ निवेश का भी ध्यान रखें।


होम लोन ईएमआई
बेरोजगारी के दौरान ईएमआई चुकाना मुश्किल हो सकता है। होम लोन ईएमआई में डिफॉल्ट से क्रेडिट हिस्ट्री खराब होगी। ईएमआई ना चुका पाएं तो बैंक से ईएमआई हॉलिडे मांग सकते हैं।


क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
क्रेडिट कार्ड का ठीक ढंग से इस्तेमाल करें। बकाया ज्यादा है तो कार्ड से नई खरीदी ना करें और जल्द से जल्द क्रेडिट कार्ड का बकाया चुका दें।


निवेश और इंश्योरेंस
तंगी में भी लंबी अवधि के निवेश से ना निकलें। इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान में कोताही ना करें। बहुत जरूरी हो तो एफडी या डेट फंड से पैसा निकालें। कोई विकल्प ना हो तभी लंबी अवधि के निवेश से निकलें।


एसआईपी में निवेश
अगर बहुत मुश्किल हो तभी एसआईपी बंद करें और जहां तक मुमकिन हो एसआईपी में निवेश जारी रखें।


पोर्टफोलियो की समीक्षा करें
अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और पैसे की जरूरत हो तो कुछ फंड से निकल सकते हैं। कमजोर प्रदर्शन करने वाले फंड्स से निकल जाएं।


ईपीएफ
90 दिन से बेरोजगार हैं तो पूरा पीएफ निकाल सकते हैं। ज्यादा मुश्किल ना हो तो पीएफ से पैसा ना निकालें और नई नौकरी मिलने पर पीएफ को ट्रांसफर करा लें।


इंश्योरेंस कवर
खुद के लिए अलग से हेल्थ इंश्योरेंस लें और होम लोन के लिए इंश्योरेंस कवर लें। होम लोन के साथ जॉब लॉस कवर भी ले सकते हैं।


शादी की प्लानिंग
नौकरी को लेकर अनिश्चितता हो तो शादी को टालें और नौकरी छूटने पर शादी के लिए जमा पैसा काम आ सकता है।